तानाशाही सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी का तबादला, शिक्षकों ने मनाया जश्न फूटे पटाखे बटी मिठाई

सूरजपुर: जिला शिक्षा अधिकारी का ट्रांसफर होते ही शिक्षकों में जश्न, पटाखे फोड़े और मिठाई बांटी,विवादों में रही भारती वर्मा रायपुर हुईं ट्रांसफर, अजय मिश्रा को मिली सूरजपुर की जिम्मेदारी
सूरजपुर, छत्तीसगढ़।
गुरुवार का दिन सूरजपुर जिले के शिक्षकों के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं रहा। जैसे ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) भारती वर्मा के ट्रांसफर की आधिकारिक जानकारी सामने आई, जिलेभर में शिक्षकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कई जगह पटाखों की आवाज़ गूंजी और मिठाइयों का वितरण हुआ। शिक्षकों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और राहत की सांस ली।

लगातार विवादों में रही थीं भारती वर्मा
जिला शिक्षा अधिकारी भारती वर्मा लंबे समय से विवादों के घेरे में थीं। शिक्षकों का आरोप था कि उनका रवैया बेहद तानाशाहीपूर्ण था। वे अक्सर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करती थीं और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करने से भी पीछे नहीं हटती थीं।
शिक्षकों ने कई बार इसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों से की थी। यहां तक कि ruling party के स्थानीय नेताओं ने भी उनके व्यवहार पर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए। आरोप यह भी था कि उनकी कार्यशैली से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और शिक्षक मानसिक तनाव में काम करने को मजबूर थे।

ट्रांसफर की खबर बन गई जश्न का कारण
जैसे ही भारती वर्मा के रायपुर तबादले और अजय मिश्रा की सूरजपुर में नियुक्ति का आदेश आया, शिक्षक संगठनों और विद्यालयों में जश्न का माहौल बन गया। कई स्कूलों में शिक्षकों ने अपने स्तर पर जश्न मनाया। पटाखे फोड़े गए, मिठाइयां बांटी गईं और सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई।
शिक्षकों ने जताया आभार
शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थे। उनका कहना है कि ट्रांसफर की मांग उठाने में जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और अधिकारियों का सहयोग अहम रहा। शिक्षकों ने सार्वजनिक रूप से सभी का आभार जताया और उम्मीद जताई कि नए DEO अजय मिश्रा के आने से जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
नया अध्याय, नई उम्मीदें
अब सूरजपुर जिले की जिम्मेदारी अजय मिश्रा को मिली है। शिक्षकों को उम्मीद है कि वे संवाद और सहयोग की भावना से काम करेंगे। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक संवेदनशील और सहयोगी अधिकारी की जरूरत है, जो अब पूरी हो सकती है।




