रविश अग्रवाल बने पत्रकार प्रेस परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष, प्रमोद मिश्रा को सौंपी महासचिव की जिम्मेदारी

पत्रकार प्रेस परिषद्: रविश अग्रवाल बने प्रदेश अध्यक्ष, प्रमोद मिश्रा को महासचिव की जिम्मेदारी
रायपुर/छत्तीसगढ़
देश के प्रमुख मीडिया संगठन पत्रकार प्रेस परिषद् ने छत्तीसगढ़ में नई नियुक्तियों की घोषणा की है। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज निवासी रविश अग्रवाल को प्रदेश अध्यक्ष और बलौदाबाजार जिले के कटगी निवासी प्रमोद मिश्रा को प्रदेश महासचिव नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों की घोषणा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा कृष्णदेव जी के निर्देश और नेशनल चेयरमैन ऋषभ मिश्रा आजाद की अनुशंसा पर हुई।
केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी सत्यप्रकाश द्वारा नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय से जारी पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और सूचना विभाग के निदेशक को भी भेजी गई है। इस घोषणा के साथ ही परिषद के चेयरमैन ने उम्मीद जताई है कि छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूती मिलेगी और पत्रकार हितों की रक्षा के लिए आंदोलनों को गति दी जाएगी।
पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए तेज होगा आंदोलन
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रविश अग्रवाल और महासचिव प्रमोद मिश्रा ने इस जिम्मेदारी के लिए परिषद के राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। अपने पहले बयान में श्री अग्रवाल ने राज्य के पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की दिशा में बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए वह हमेशा आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और ज्ञापन सौंपकर अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग करेगा।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को मिल रही बधाई
प्रदेश अध्यक्ष रविश अग्रवाल और महासचिव प्रमोद मिश्रा को पूरे प्रदेश से पत्रकार साथियों और समाज के विभिन्न वर्गों से बधाई संदेश मिल रहे हैं। पत्रकार प्रेस परिषद् के नेतृत्व में इन नई नियुक्तियों को छत्तीसगढ़ में मीडिया कर्मियों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
1. प्रदेश अध्यक्ष: रविश अग्रवाल (बलरामपुर, रामानुजगंज)।
2. प्रदेश महासचिव: प्रमोद मिश्रा (बलौदाबाजार, कटगी)।
3. घोषणाएं:
पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए आंदोलन।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से ज्ञापन सौंपने की योजना।
4. उम्मीद: पत्रकार हितों की रक्षा के लिए बड़े आंदोलनों को मिलेगा समर्थन।
समाज और पत्रकारिता जगत में इन नियुक्तियों से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।



