बलरामपुर शर्मसार: पुलिस आरक्षक पर छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, FIR दर्ज

बलरामपुर। CG Rape Case: पुलिस आरक्षक पर कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, जांच शुरू
बलरामपुर, 29 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस लाइन में तैनात एक आरक्षक पर 21 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल स्थानीय पुलिस विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आंतरिक व्यवस्था पर भी बहस छेड़ दी है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और जांच जारी है।
पीड़िता का पृष्ठभूमि और घटना का विवरण
पीड़िता, जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र की मूल निवासी, 21 वर्षीय युवती है। वह बलरामपुर शहर में अपने रिश्तेदार के घर पर रहकर स्थानीय कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। उसके रिश्तेदार बलरामपुर पुलिस में ही कार्यरत हैं, जो पुलिस लाइन परिसर में रहते हैं। इस वजह से पीड़िता का घर पुलिस लाइन क्षेत्र में ही स्थित था, जहां सुरक्षा की उम्मीद सबसे अधिक होती है। लेकिन यही जगह उसके लिए असुरक्षित साबित हुई।
घटना की शुरुआत 22 फरवरी 2025 से हुई। उस दिन पीड़िता के रिश्तेदार ड्यूटी पर थे और घर पर कोई नहीं था। पुलिस लाइन में तैनात आरक्षक सत्येंद्र पाठक, जो उसी परिसर में रहता है, ने छात्रा के कमरे में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के तुरंत बाद पीड़िता सदमे में थी, लेकिन उसने हिम्मत जुटाकर अपने रिश्तेदारों को पूरी आपबीती सुनाई। आरोपी सत्येंद्र पाठक ने परिजनों के सामने कसम खाकर माफी मांगी और वादा किया कि वह दोबारा ऐसी कोई हरकत नहीं करेगा। उसने परिवार को मामले को दबाने और पुलिस में शिकायत न करने के लिए मना लिया, शायद पुलिस विभाग की छवि और पारिवारिक रिश्तों का हवाला देकर।
हालांकि, आरोपी की नीयत में कोई सुधार नहीं आया। लगभग दो सप्ताह बाद, मार्च के पहले सप्ताह में, जब पीड़िता फिर से घर पर अकेली थी, सत्येंद्र पाठक ने उसे बहला-फुसलाकर या जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाया और अपने क्वार्टर ले गया। वहां उसने फिर से दुष्कर्म किया। इस बार आरोपी ने पीड़िता को डराने के लिए जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके परिवार को भी नुकसान पहुंचाएगा। इस घटना ने पीड़िता को मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया कि उसने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। उसे कॉलेज जाना असंभव लगने लगा और अंततः वह अपने माता-पिता के पास जशपुर लौट गई। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान उसे नींद न आने, डर के मारे चीखने और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और पुलिस की भूमिका
आरोपी की बार-बार की हरकतों और धमकियों से तंग आकर पीड़िता ने अप्रैल में अपने माता-पिता को पूरी घटना विस्तार से बताई। परिवार सदमे में था, लेकिन उन्होंने न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया। सबसे पहले वे बलरामपुर थाने पहुंचे, जहां आरोपी खुद पुलिस का हिस्सा था। वहां शिकायत दर्ज करने की कोशिश की गई, लेकिन थाने के अधिकारियों ने कथित रूप से मामले को दबाने की कोशिश की और एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को बचाने की कोशिश की, शायद विभागीय एकजुटता के कारण।
इसके बाद परिवार ने उच्च अधिकारियों का रुख किया। उन्होंने सरगुजा रेंज के आईजी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। आईजी के सख्त निर्देश पर जशपुर जिले की बगीचा पुलिस ने 22 सितंबर 2025 को आरोपी सत्येंद्र पाठक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की। केस डायरी को बलरामपुर कोतवाली थाने को हस्तांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में बलरामपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है। आरोपी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
समाज और पुलिस पर प्रभाव
यह मामला छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है, खासकर जब आरोपी खुद कानून का रखवाला हो। स्थानीय महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि आरोपी को तत्काल निलंबित किया जाए तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए। एक स्थानीय एनजीओ की कार्यकर्ता ने कहा, “पुलिस लाइन जैसी जगह पर अगर महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहर की क्या स्थिति होगी? यह पुलिस विभाग की आंतरिक संस्कृति पर सवाल उठाता है।”
पीड़िता के परिवार ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारी बेटी का जीवन बर्बाद हो गया। हम न्याय चाहते हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।” पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी को सजा मिलेगी। मामला अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन इसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है।
(नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत द्वारा लिया जाएगा।)




