“गलत जानकारी बर्दाश्त नहीं” — दिशा समिति की बैठक में भड़के सांसद चिंतामणि महाराज,पीएचई और जल संसाधन विभाग पर सांसद की कड़ी फटकार

गरीबों के उत्थान के लिए योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे — सांसद चिंतामणि महाराज
दिशा समिति की बैठक में अफसरों को चेतावनी, सरगुजिहा बोली को बढ़ावा देने की पहल
बलरामपुर.सरगुजा। सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सही समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। वे मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
सांसद ने कहा कि योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे धरातल पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें, केवल कागजी प्रगति न दिखाएं।
बैठक के दौरान सांसद ने स्थानीय बोली सरगुजिहा को बढ़ावा देने की पहल की। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे यथासंभव सरगुजिहा में संवाद करें, ताकि आमजन से जुड़ाव मजबूत हो। जिला पंचायत सीईओ ने पूरी बैठक सरगुजिहा में संचालित की और अधिकांश अधिकारियों ने भी उसी बोली में जवाब दिया।
पीएचई और जल संसाधन विभाग पर सांसद की कड़ी फटकार
बैठक में सांसद चिंतामणि महाराज ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों ने गलत और भ्रामक जानकारी दी है।
पीएचई विभाग ने दावा किया कि कई गांवों में नल-जल योजना चालू है, लेकिन सांसद ने कहा कि “जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत है।”
इसी प्रकार जल संसाधन विभाग पर अधूरे कार्यों का भुगतान करने और संशोधित अनुमान बनाकर अतिरिक्त व्यय की योजना तैयार करने का आरोप लगाया गया। सांसद ने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में पारदर्शिता अनिवार्य है — लापरवाही और गलत सूचना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मनरेगा, श्रम पंजीयन और स्व-सहायता समूहों को प्राथमिकता
सांसद ने मनरेगा योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन, कार्य प्रगति और श्रम पंजीयन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र श्रमिकों का अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए।
उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को अधिक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की बात कही, ताकि ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
सांसद ने कहा, “स्थानीय मांग और संसाधनों के अनुरूप रोजगारपरक कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और पलायन रुके।”
किसानों को परंपरागत और जैविक खेती से जोड़ने के निर्देश
सांसद चिंतामणि महाराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक खाद और हाईब्रिड बीजों पर अत्यधिक निर्भरता मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचा रही है।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को परंपरागत और जैविक खेती की ओर प्रेरित करें।
सांसद ने सुझाव दिया कि किसानों को जैविक खाद निर्माण, प्राकृतिक कीट नियंत्रण तकनीक और अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों की जानकारी दी जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे।

आंगनबाड़ी सेवाओं में सुधार और बाल विवाह रोकथाम पर बल
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि सभी केंद्रों को सुविधायुक्त और सुचारू रूप से संचालित किया जाए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को पूरक पोषण आहार योजना का अधिकतम लाभ देने के निर्देश दिए।
सांसद ने पीवीटीजी और जनजातीय क्षेत्रों में बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि “यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है।”
राशन दुकानों के संचालन में पारदर्शिता अनिवार्य
सांसद महाराज ने कहा कि कोई भी पात्र परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के खाद्यान्न से वंचित न रहे।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनजातीय और सुदूर अंचलों में राशन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता से पंजीकृत कर लाभान्वित किया जाए।
सांसद का खेद और अपील
बैठक के अंत में सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा, “मुझे ऊँची आवाज़ में बात करने की आदत नहीं है, लेकिन गलत जानकारी मिलने पर ऐसा करना पड़ा — इसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूँ।”
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
सांसद ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है — विकास की रोशनी अंतिम छोर तक पहुंचे, यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।




