कोरियागरियाबंदछत्तीसगढ़जसपुरजांजगीर चांपातातापानीदिल्लीपुलिसप्रचार प्रसारप्रतापपुरबलरामपुरबलौदा बाजारबस्तरबिलासपुरभरतपुर सोनहतभारतमनेन्द्रगढ़महासमुंदमहेंद्रगढ़मुंबईराजपुरराज्यसभारामचंद्रपुररामानुजगंजरायगढ़रायपुररायपुरवीजापुरसरगुजासुरजपुर

रामानुजगंज में अटल परिसर का लोकार्पण, अटल बिहारी वाजपेई की अष्टधातु प्रतिमा का अनावरण

रामानुजगंज में अटल परिसर का भव्य शुभारंभ, अष्टधातु प्रतिमा का अनावरण


बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में अटल परिसर का भव्य और विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की अष्टधातु से निर्मित प्रतिमा का अनावरण वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।


कार्यक्रम में राम विचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेता, प्रखर वक्ता और संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, विकास और राष्ट्रीय एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए। उन्होंने कहा कि अटल परिसर आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करेगा।

जयंती के उपलक्ष्य में निर्मित परिसर

अटल परिसर का निर्माण अटल बिहारी वाजपेई की जयंती के अवसर को ध्यान में रखते हुए किया गया है। परिसर को इस रूप में विकसित किया गया है कि यह श्रद्धांजलि स्थल होने के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बने। वक्ताओं ने कहा कि यह स्थान युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र होगा, जहां वे अटल जी के जीवन, उनके विचारों और उनके कार्यों के बारे में जान सकेंगे।

देश में पहली अष्टधातु प्रतिमा का दावा

आयोजकों ने जानकारी दी कि अटल बिहारी वाजपेई की अष्टधातु से निर्मित यह प्रतिमा देश में पहली बार रामानुजगंज में स्थापित की गई है। प्रतिमा को विशेष रूप से तैयार कराया गया है, जिसमें अटल जी की गरिमामयी और सहज छवि को उकेरा गया है। अनावरण के समय उपस्थित लोगों ने तालियों और जयघोष के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल, सभी 15 वार्डों के पार्षद, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि यह परिसर केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि सुशासन, विकास और राष्ट्रसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने इसे सामाजिक संवाद और जनजागरण का केंद्र बनाने की बात कही।
समारोह के अंत में अतिथियों ने अटल परिसर का अवलोकन किया और उपस्थित नागरिकों को अटल बिहारी वाजपेई के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।

Related Articles

Back to top button