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बलरामपुर में 3 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने फसल जब्त

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने जब्त की गई फसल


छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब ढाई से तीन एकड़ जमीन पर उगाई जा रही अफीम की फसल का भंडाफोड़ किया। छापेमारी के दौरान खेत में लगी पूरी फसल को न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब्त कर लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


जानकारी के अनुसार, खजूरी पंचायत के तुर्रीपानी गांव में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। जांच के दौरान करीब ढाई से तीन एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लहलहाते हुए पाए गए।


अधिकारियों ने बताया कि खेत में लगे अफीम के पौधे पूरी तरह से पक चुके थे और कई पौधों में चीरा भी लगाया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि अफीम का लेटेक्स (दूध) निकालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी और तस्कर अंतिम चरण में थे।
छापेमारी के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में अफीम के पौधे पाए गए। इसके बाद पूरी कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई और फसल को विधिवत जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई फसल को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाएगा।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह जमीन एक स्थानीय आदिवासी किसान की है। बताया जा रहा है कि किसान ने अपनी जमीन झारखंड के एक व्यक्ति को खेती के लिए लीज पर दी थी। इसी जमीन पर अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी।


राजस्व विभाग के मुताबिक, खसरा प्लॉट नंबर 34, 35 और 45 की यह जमीन किसानों की निजी भूमि है। इन किसानों को वन अधिकार पट्टा भी मिला हुआ है। दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन का कुछ हिस्सा खेती के लिए दिया गया था, जहां करीब डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती की गई थी। यह फसल पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी।


पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। झारखंड के जिस व्यक्ति को जमीन लीज पर दी गई थी, उसकी तलाश भी की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कोई बड़ा गिरोह या सिंडिकेट तो सक्रिय नहीं है।


इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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