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बलरामपुर में अवैध ऑटो संचालन से बस मालिक परेशान, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

बलरामपुर में अवैध ऑटो संचालन से बस मालिकों में आक्रोश, कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, आंदोलन की चेतावनी


बलरामपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे ऑटो के कारण बस संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बस मालिकों का आरोप है कि कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद आज तक इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार अनदेखी से नाराज बस मालिकों ने अब आंदोलन की चेतावनी दे दी है।


बस संचालकों के अनुसार जिले के कई मार्गों पर बसों के आगे-आगे चार से पांच ऑटो दादागीरी से चलाए जा रहे हैं। ये ऑटो बस स्टैंड और निर्धारित स्टॉप से पहले ही सवारियां भर लेते हैं, जिससे बसों में यात्रियों की संख्या कम हो जाती है। इस कारण बस मालिकों को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।


बस मालिकों का कहना है कि अधिकांश ऑटो तीन सवारी (3-सीटर) के रूप में पंजीकृत हैं, लेकिन उनमें अवैध रूप से 10 सीटें लगाकर 15 से 17 यात्रियों को बैठाकर चलाया जा रहा है। इस तरह का संचालन पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। आरोप यह भी है कि कई ऑटो चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है और न ही उनके पास वाहन से संबंधित पूरे दस्तावेज होते हैं।


बस संचालकों ने बताया कि कई बार ऑटो चालक बसों को ओवरटेक करते हुए लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। जब बस स्टाफ इन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए कहता है तो वे गाली-गलौज और मारपीट पर उतर आते हैं।
उन्होंने बताया कि पहले भी वाड्रफनगर में विजय बस के स्टाफ के साथ खुलेआम चौक पर मारपीट की घटना हो चुकी है। इस दौरान बस स्टाफ को लात-घूंसों और जूतों से मारा गया था, जिसकी शिकायत वाड्रफनगर चौकी में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद ऑटो चालकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।बस मालिकों ने बताया कि एक बस को चलाने में हर महीने लाखों रुपये का खर्च आता है। इसमें बस की किस्त, कर्मचारियों का वेतन, लेबर भुगतान, टैक्स और बीमा जैसी कई जिम्मेदारियां शामिल हैं। लेकिन अवैध ऑटो संचालन के कारण बसों में यात्रियों की संख्या घट गई है, जिससे कई बार डीजल का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थिति यह हो गई है कि कंडक्टर और ड्राइवर भी इन रूटों पर बस चलाने से कतराने लगे हैं, क्योंकि उन्हें पर्याप्त आमदनी नहीं मिल रही है। इससे बस संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।


बस मालिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से चल रहे ऑटो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवहन व्यवस्था को नियमों के तहत संचालित किया जाए। उनका कहना है कि ऑटो चालकों के लिए भी व्यवस्थित व्यवस्था बनाई जाए, ताकि वे भी नियमों के तहत अपना काम कर सकें और बस संचालकों को भी नुकसान न उठाना पड़े।


बस संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर अपनी बसों को एसडीएम कार्यालय के सामने खड़ा कर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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