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साल में सिर्फ 15 दिन मिलती है छत्तीसगढ़ की यह खास सब्जी, मटन जैसा स्वाद, ₹600 किलो तक पहुंची कीमत


बलरामपुर। मानसून की दस्तक के साथ ही छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बाजारों में एक खास पारंपरिक सब्जी फुटकून (पुटू)की आवक शुरू हो गई है। साल में केवल 15 से 20 दिनों के लिए मिलने वाली यह दुर्लभ सब्जी इन दिनों करीब 600 रुपये प्रति किलो बिक रही है। खास बात यह है कि इसका स्वाद मटन जैसा माना जाता है, जिसके कारण लोग इसकी ऊंची कीमत चुकाने से भी पीछे नहीं हटते।

बारिश के मौसम में ही मिलती है फुटकून(पुटू)

फुटकून (पुटू)प्राकृतिक रूप से बारिश शुरू होने के बाद मिट्टी के अंदर उगती है। स्थानीय लोग इसे रगड़ा के नाम से भी जानते हैं। सीमित समय के लिए उपलब्ध होने के कारण इसकी बाजार में काफी मांग रहती है और लोग पूरे साल इसके आने का इंतजार करते हैं।

इन दिनों बलरामपुर जिले के स्थानीय बाजारों में ग्रामीण महिलाएं और किसान फुटकून (पुटू)बेचते नजर आ रहे हैं। इसे जमीन से निकालने में काफी मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए इसकी कीमत सामान्य सब्जियों के मुकाबले कई गुना अधिक रहती है।

बाजार में ₹600 प्रति किलो बिक रही है सब्जी

फुटकून (पुटू)बेचने वाली सेबाती महतो बताती हैं कि फिलहाल बाजार में इसकी कीमत करीब 600 रुपये प्रति किलो है। उन्होंने बताया कि बारिश शुरू होते ही गांवों और जंगलों के आसपास से इसे इकट्ठा किया जाता है और फिर स्थानीय बाजारों में लाकर बेचा जाता है। कम समय तक मिलने की वजह से इसकी मांग हमेशा बनी रहती है।

मटन जैसा स्वाद, पोषक तत्वों से भरपूर

फुटकून  (पुटू)का स्वाद इसकी सबसे बड़ी पहचान है। इसे खाने वाले लोगों का कहना है कि इसका स्वाद काफी हद तक मटन जैसा होता है। यही वजह है कि शाकाहारी लोग भी इसे बड़े चाव से खाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार इसमें प्रोटीन सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

हालांकि, इसके पोषण संबंधी दावों की पुष्टि के लिए व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इसे पारंपरिक मान्यता के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

हर साल रहता है लोगों को इंतजार

फुटकून (पुटू)  खरीदने आए दिवाकर महतो बताते हैं कि वे हर साल मानसून का इंतजार इस सब्जी के लिए करते हैं। उनका कहना है कि इसकी कीमत चाहे जितनी हो, वे इसे जरूर खरीदते हैं। एक बार इसका स्वाद चखने के बाद लोग इसे लंबे समय तक नहीं भूलते।

ग्रामीण संस्कृति का अहम हिस्सा

बलरामपुर जिले की यह पारंपरिक मौसमी सब्जी आज भी लोगों के बीच अपनी खास पहचान बनाए हुए है। मानसून के साथ बाजार में पहुंचने वाली फुटकून न केवल अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक खानपान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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