गढ़वाछत्तीसगढ़जसपुरझारखण्डदिल्लीबलरामपुरबिलासपुरभाजपाभारतमनेन्द्रगढ़राजपुरराज्यसभारामचंद्रपुररामानुजगंजरायगढ़रायपुर

पंचायत चुनावों में ओबीसी वर्ग के आरक्षण में कटौती, भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

भाजपा सरकार ओबीसी आरक्षण समाप्त करने की दिशा में अग्रसर – सुनील सिंह

बलरामपुर: प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासी बवाल तेज होता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में षड्यंत्रपूर्वक ओबीसी आरक्षण समाप्त करने की ओर बढ़ रही है। पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण को खत्म करने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास हो रहे हैं, जो ओबीसी वर्ग के अधिकारों का सीधा हनन है।

स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी को बड़ा नुकसान

सुनील सिंह ने कहा कि वर्तमान पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण खत्म होने की स्थिति आ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया में जानबूझकर बदलाव किए हैं। इसके परिणामस्वरूप कई जिलों और पंचायतों में ओबीसी आरक्षित सीटें अब सामान्य घोषित कर दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 16 जिला पंचायतों और 85 जनपद पंचायतों में पहले 25% सीटें ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होती थीं, लेकिन अब यह आरक्षण लगभग समाप्त हो गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में तो ओबीसी आरक्षण पूरी तरह से गायब हो चुका है।

मैदानी इलाकों में भी ओबीसी उपेक्षित

श्री सिंह ने मैदानी क्षेत्रों का हवाला देते हुए कहा कि कई पंचायतों में, जहां 90% से अधिक जनसंख्या ओबीसी वर्ग की है, वहां भी ओबीसी वर्ग के लिए सरपंच का पद आरक्षित नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों में पंचों का आरक्षण भी जनसंख्या के अनुपात में बेहद कम है।

सरगुजा और बस्तर संभागों में बड़ा झटका

सुनील सिंह ने कहा कि ओबीसी वर्ग को सरगुजा और बस्तर संभागों में सबसे बड़ा नुकसान हुआ है।

सरगुजा संभाग: अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, और मनेंद्रगढ़ जैसे जिलों में ओबीसी के लिए आरक्षण लगभग खत्म हो गया है।

बस्तर संभाग: कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों में भी ओबीसी वर्ग के लिए कोई उल्लेखनीय आरक्षण नहीं बचा है।


उन्होंने बताया कि इन जिलों में ओबीसी वर्ग की बड़ी आबादी होने के बावजूद उनके लिए पंचायतों और निकायों में प्रतिनिधित्व का अवसर समाप्त कर दिया गया है।

बिलासपुर में भी ओबीसी के साथ अन्याय

श्री सिंह ने बिलासपुर जिले की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिला पंचायत में कुल 17 सीटों में से केवल 1 सीट ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। ओबीसी पुरुषों के लिए तो कोई भी सीट आरक्षित नहीं है।
चार जनपद पंचायतों में भी ओबीसी वर्ग के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की यह नीति ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय और अत्याचार का जीता-जागता उदाहरण है।

भाजपा की दुर्भावना और आरक्षण विरोधी चरित्र

सुनील सिंह ने कहा कि भाजपा का मूल चरित्र आरक्षण विरोधी रहा है।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने विधानसभा में सर्वसम्मति से नवीन आरक्षण विधेयक पारित किया था, जिसमें अनुसूचित जाति को 32% और ओबीसी वर्ग को 14% से बढ़ाकर 27% आरक्षण देने का प्रावधान था, तब भाजपा ने इसे रोकने के लिए षड्यंत्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2 दिसंबर को पारित यह विधेयक भाजपा के षड्यंत्रों के चलते आज तक राजभवन में लंबित पड़ा है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में ओबीसी वर्ग के अधिकारों पर चोट

सुनील सिंह ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में भाजपा सरकार ने ओबीसी वर्ग के अधिकारों में कटौती कर दी है।

रायपुर जिला पंचायत में 16 क्षेत्रों में से केवल 4 क्षेत्र ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

बिलासपुर जिले में 17 क्षेत्रों में केवल 1 क्षेत्र ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पुरुषों के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है।

जनपद पंचायतों और पंचायतों में भी ओबीसी आरक्षण में भारी कटौती की गई है।


ओबीसी वर्ग के अधिकारों का कुचलना

सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर ओबीसी आरक्षण में कटौती की है। इससे ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। उन्होंने इसे ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय और अत्याचार करार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति हमेशा से ही आरक्षण समाप्त करने की रही है, ताकि ओबीसी वर्ग को सामाजिक और राजनीतिक रूप से कमजोर किया जा सके।

कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा

श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ओबीसी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के षड्यंत्रों को उजागर करने के लिए कांग्रेस पार्टी जनता के बीच जाएगी और ओबीसी वर्ग के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।


सुनील सिंह ने भाजपा सरकार से तत्काल ओबीसी आरक्षण बहाल करने और संशोधन वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की लड़ाई हर मंच पर लड़ी जाएगी। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और भाजपा की नीतियों का कड़ा विरोध करेगी।

प्रवक्ता:
सुनील सिंह,
प्रवक्ता, जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर
अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी राजपुर

Related Articles

Back to top button