नियुक्तियों से नाराज़गी: बलरामपुर में कांग्रेस के महामंत्री, जिला सचिव और मंडल अध्यक्षों का इस्तीफा

बलरामपुर में कांग्रेस में अंतर्कलह, नियुक्तियों से नाराज़ 10 नेताओं ने एक साथ दिया इस्तीफा
बलरामपुर: जिले में कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। हाल ही में गठित जिला कार्यकारिणी और ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति से नाराज़ होकर पार्टी के 10 पदाधिकारियों ने एक साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में नवनियुक्त महामंत्री, तीन जिला सचिव और छह मंडल अध्यक्ष शामिल हैं। सभी नेताओं ने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार जिला कांग्रेस कार्यकारिणी का गठन 2 मार्च को किया गया था। इसके बाद संगठन में कई नई नियुक्तियां की गईं। लेकिन बलरामपुर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हो गया। नाराज़ पदाधिकारियों का आरोप है कि संगठन में परिवारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
इसी नाराजगी के चलते जिला कांग्रेस के नवनियुक्त महामंत्री संजीव कुमार गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही जिला सचिव गौर विश्वास, प्रदीप खेश और मनोज दुबे ने भी अपने पद छोड़ दिए।

वहीं मंडल अध्यक्षों में देवव्रत सरकार, समर बहादुर सिंह, ब्रिंदा यादव, अजय नारायण, जसीम अंसारी और फूलमती नाग ने भी संगठन से नाराजगी जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि संगठन में नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से नहीं की जा रही हैं। उनका आरोप है कि कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ रही है। नेताओं ने यह भी कहा कि यदि पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलेगा तो संगठन को मजबूत करना मुश्किल हो जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद जिले की कांग्रेस राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक साथ इतने पदाधिकारियों के इस्तीफे से संगठन की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक जिला या प्रदेश स्तर के किसी बड़े नेता की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदेश नेतृत्व इस मामले में क्या कदम उठाता है और नाराज़ नेताओं को मनाने के लिए क्या पहल की जाती है।



