छत्तीसगढ़ में ईडी बनाम कांग्रेस: 1 मार्च को पुतला दहन, 3 मार्च को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) दीपक बैज ने कार्यकारिणी बैठक के बाद प्रेस वार्ता में ईडी पर गंभीर आरोप लगाए और आगामी विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
क्या है मामला?
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि 25 फरवरी को ईडी के अधिकारी कांग्रेस भवन पहुंचे और चार बिंदुओं पर पूछताछ के लिए समन सौंपा। उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि किसी जांच एजेंसी के अधिकारी खुद समन देने के लिए किसी राजनीतिक दल के कार्यालय पहुंचे हों। कांग्रेस इसे संविधान का उल्लंघन मान रही है।
बैज ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गैदू से आय से संबंधित जानकारी लेकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। साथ ही, उनसे व्यक्तिगत सवाल पूछे गए, जिसे कांग्रेस गलत ठहरा रही है।
कांग्रेस के आरोप
1. ईडी के अधिकारी कांग्रेस नेताओं पर डराने-धमकाने की रणनीति अपना रहे हैं।
2. कांग्रेस के पदाधिकारियों और नेताओं से व्यक्तिगत सवाल पूछकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
3. यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष की भावना से प्रेरित है और विपक्ष को कमजोर करने की केंद्र सरकार की रणनीति का हिस्सा है।
4. ईडी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई के विरोध में बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है—
1 मार्च: प्रदेशभर में जिला कांग्रेस मुख्यालयों पर पुतला दहन किया जाएगा।
3 मार्च: रायपुर स्थित ईडी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
राजनीतिक असर
ईडी की कार्रवाई और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच घमासान बढ़ सकता है। कांग्रेस का कहना है कि वह किसी भी तरह के दबाव में झुकने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
क्या यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस को मजबूत करेगा या ईडी की जांच से पार्टी पर और दबाव बढ़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।


