नई मदिरा दुकान के पास ठेलेवाले से आबकारी कर्मी की मारपीट, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

बलरामपुर: आबकारी आरक्षक ने ठेलेवाले से की मारपीट, वीडियो वायरल — पहले भी विवादों में घिर चुके हैं आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू
बलरामपुर (छत्तीसगढ़)।
जिले के न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित नई मदिरा दुकान के पास एक आबकारी अधिकारी द्वारा ठेला चलाने वाले युवक से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में अधिकारी को ठेला चालक का कॉलर पकड़कर जमीन पर पटकते हुए और हाथापाई करते हुए साफ़ देखा जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को राहगीरों ने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद वीडियो ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।

मारपीट में युवक को आई चोटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना में ठेला चलाने वाले युवक को गले के पीछे और कंधे पर चोटें आई हैं। पंजे जैसी खरोंच के निशान दिखाई दे रहे हैं और युवक का कहना है कि आबकारी विभाग के कर्मचारी ने उसके साथ बिना किसी कारण के मारपीट की।
आरोप आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू पर
सूत्रों के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू के रूप में हुई है। नीरज साहू पर पहले भी कई बार दुर्यवहार, अभद्रता और अवैध वसूली के आरोप लग चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक, यह पहला मौका नहीं है जब नीरज साहू का ऐसा वीडियो वायरल हुआ हो। इससे पहले रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 15 में एक कृषक परिवार से “50 हजार” की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधि सिद्धांत यादव के साथ अभद्र व्यवहार का वीडियो भी वायरल हुआ था। उस समय भी इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा पैदा की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
स्थानीय नागरिकों में आक्रोश
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग के कुछ कर्मचारी आम जनता के साथ मनमानी कर रहे हैं और अपने आप को SP (पुलिस अधीक्षक) से भी ऊपर मानते हैं।
स्थानीय व्यापारियों और ठेला संचालकों ने कहा कि आबकारी कर्मियों की इस तरह की हरकतें आए दिन सुनने को मिलती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर “सब कुछ दबा दिया जाता है।”
एक व्यापारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा —
“हम छोटे व्यापारी हैं। रोज़ी-रोटी चलाने के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन मदिरा दुकान के पास या बस स्टैंड में ठेला लगाने वालों को इन अधिकारियों से डर लगा रहता है। वे कभी भी आकर कॉलर पकड़ लेते हैं या गाली-गलौज करने लगते हैं।”

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इतने विवादों के बावजूद आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू को जिले में बनाए रखने के पीछे क्या कारण है। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के अधिकारी विभाग की छवि खराब कर रहे हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच अनिवार्य है।
जांच की मांग तेज
वायरल वीडियो के बाद आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी लोग खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और “#बलरामपुर_मारपीट_मामला” जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले की प्राथमिक जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी है।
नीरज साहू के पूर्व के विवादित वीडियो



