कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों को दी गई योजना की विस्तृत जानकारी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने पर जोर

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) पर विस्तृत कार्यशाला आयोजित, जनप्रतिनिधियों को दी गई योजनागत जानकारी
रामचंद्रपुर। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में क्षेत्र के सभी सरपंच, सचिव, बीडीसी सदस्य, पंच तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य योजना की बारीकियों, उसके संचालन की प्रक्रिया तथा ग्रामीण स्तर पर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी देना था।

कार्यशाला के दौरान योजना के उद्देश्य, पात्रता, कार्य चयन की प्रक्रिया, मजदूरों के पंजीयन, भुगतान प्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों की आजीविका को स्थायी आधार देना है। विशेष रूप से मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने, पारदर्शी भुगतान प्रणाली सुनिश्चित करने और स्थानीय संसाधनों के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभाएं तो गांवों में सड़क, तालाब, नाला निर्माण, सामुदायिक भवन, जल संरक्षण और अन्य आधारभूत सुविधाओं के कार्य तेजी से पूरे किए जा सकते हैं। इससे न केवल मजदूरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि गांवों का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।

जनपद पंचायत अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में मनरेगा के क्रियान्वयन के दौरान सामने आई त्रुटियों और चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नई योजना में इन कमियों को दूर करने के लिए बेहतर मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही की व्यवस्था की गई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित करें।
जिले के विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के प्रभारी भानु प्रताप दीक्षित ने योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत अधिक से अधिक विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मजदूरों का पंजीयन, जॉब कार्ड से संबंधित प्रक्रिया और भुगतान सीधे बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों की आय में वृद्धि होगी और पलायन की समस्या में कमी आएगी। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे गांव-स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ें।
कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने योजना की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह मिशन तभी सफल होगा जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।




