कुसमी में खनन विवाद बना हिंसक: एसडीएम करुण कुमार डहरिया हत्या के आरोप में गिरफ्तार, आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

बलरामपुर के कुसमी में बड़ा घटनाक्रम: एसडीएम करुण कुमार डहरिया हत्या के आरोप में गिरफ्तार, आदिवासी समाज की चेतावनी

बलरामपुर/कुसमी। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में देर रात हुई मारपीट की घटना ने प्रशासनिक तंत्र को हिला दिया है। कुसमी में पदस्थ एसडीएम करुण कुमार डहरिया को हत्या के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

अवैध बॉक्साइट खनन की सूचना पर पहुंचे थे अधिकारी
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत हंसपुर में अवैध तरीके से बॉक्साइट उत्खनन किए जाने और ट्रक से परिवहन की सूचना प्रशासन को मिली थी। ग्रामीणों ने कथित रूप से बॉक्साइट से लदे ट्रक को पकड़कर विरोध शुरू कर दिया था।
सूचना मिलने पर एसडीएम करुण कुमार डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा और अन्य लोग थार वाहन से देर रात करीब दो बजे मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही ट्रक पकड़ने में शामिल कुछ ग्रामीण वहां से हट गए।

खेत से लौट रहे तीन ग्रामीणों से मारपीट का आरोप
इसी दौरान हंसपुर निवासी 62 वर्षीय रामनरेश राम (पिता रेघा उरांव), 60 वर्षीय अजीत उरांव (पिता लालचंद उरांव) और 20 वर्षीय आकाश अगरिया (पिता रूपसाय अगरिया) अपने खेत से काम कर घर लौट रहे थे। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ मौजूद लोगों ने इन तीनों को रोककर रॉड/डंडे से मारपीट की।
घटना में रामनरेश राम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें रात में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अजीत और आकाश का इलाज जारी है।
ग्रामीणों का दावा है कि तीनों का ट्रक पकड़ने या खनन विवाद से कोई संबंध नहीं था और वे निर्दोष थे।

हत्या का मामला दर्ज, हिरासत में अन्य लोग भी
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर एसडीएम करुण कुमार डहरिया को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ गए अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुसमी बना छावनी, राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चा
घटना के बाद पूरे कुसमी क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील गांवों में गश्त बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चा भी सामने आ रही है, जिससे कार्रवाई में देरी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
आदिवासी समाज की चेतावनी
घटना को लेकर आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश है। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो धरना और प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मृतक के परिवार को मुआवजा, आश्रित को नौकरी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी एसडीएम के कार्य व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन की आधिकारिक विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।





