
रामचंद्रपुर जनपद पंचायत सदस्य मोहम्मद बख्श की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान
बलरामपुर जिले की जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के निर्वाचित सदस्य मोहम्मद बख्श की गिरफ्तारी और उन्हें हथकड़ी लगाकर पेश करने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार दिया है और सरकार के साथ-साथ पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
जिला प्रवक्ता सुनील सिंह का बयान
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता सुनील सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए और कहा कि मोहम्मद बख्श कोई खूंखार अपराधी नहीं थे, बल्कि वे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार किसी भी व्यक्ति को इस तरह हथकड़ी लगाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं किया जा सकता, लेकिन पुलिस ने नियमों का उल्लंघन किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार करना सत्ता के इशारे पर की गई कार्रवाई है। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसमें मोहम्मद बख्श को फंसाने और उन्हें अपमानित करने के लिए भाजपा नेताओं के इशारे पर यह कदम उठाया गया।
मोहम्मद बख्श के खिलाफ आरोप और प्रशासन की भूमिका
मोहम्मद बख्श पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी, बैलेट पेपर से छेड़छाड़ और बूथ कैप्चरिंग का प्रयास करने के आरोप लगे हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और फिर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सुनील सिंह ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मतदान प्रक्रिया में अनियमितता हुई थी, तो इसे तुरंत क्यों नहीं रोका गया?
1. पिठाशीन अधिकारी और नोडल अधिकारी ने चुनाव उसी दिन रद्द क्यों नहीं किया?
2. अगर चुनाव में धांधली हुई थी, तो निर्वाचन अधिकारी और पुलिस को उसी दिन इसकी रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई?
3. 5 से 10 दिन बाद अचानक भाजपा कार्यकर्ताओं के दबाव में एफआईआर दर्ज कराई गई, क्या यह एक राजनीतिक षड्यंत्र नहीं है?
उन्होंने यह भी कहा कि जिस 23 तारीख को कथित घटना हुई, उसका अपराध 5/03/2025 में बाद में दर्ज किया गया, जिससे साफ जाहिर होता है कि यह पूर्व नियोजित राजनीतिक षड्यंत्र है।
पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता सुनील सिंह ने पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने महज 2-3 घंटे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिससे यह साफ होता है कि प्रशासन सत्ता और क्षेत्रीय नेताओं के इशारे पर काम कर रहा है।
उन्होंने पूछा कि जब मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ और जनप्रतिनिधियों को निर्वाचन प्रमाण पत्र दिया गया, तो फिर बाद में इस तरह का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की जरूरत क्यों पड़ी?
सुनील सिंह ने कहा कि यदि मोहम्मद बख्श पर लगे आरोप सच थे, तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
1. क्या पुलिस प्रशासन को पहले से निर्देश मिले थे?
2. क्या भाजपा नेताओं के दबाव में प्रशासन ने यह कार्रवाई की?
3. क्या यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं है?
जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर सवाल
सुनील सिंह ने पुलिस द्वारा मोहम्मद बख्श को हथकड़ी पहनाकर कोर्ट में पेश करने की कड़ी निंदा की और कहा कि यदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो आम जनता के साथ क्या होगा?
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को किसी पर कानूनी कार्रवाई करनी थी, तो वह कानूनी तरीके से होती, लेकिन उन्हें हथकड़ी पहनाकर जलील करने का क्या मकसद था? उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया और कहा कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने की यह एक सोची-समझी साजिश है।
भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
सुनील सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा मामला सत्ता के इशारे पर रचा गया षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि
भाजपा के नेताओं ने पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग किया।
एक सुनियोजित रणनीति के तहत मोहम्मद बख्श को फंसाया गया।
भाजपा को जब चुनाव में हार का डर हुआ, तो उन्होंने प्रशासन के माध्यम से अपने विरोधियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
कांग्रेस की चेतावनी – सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई होगी
सुनील सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस इसे सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। अगर जरूरत पड़ी, तो
प्रदर्शन किया जाएगा।
विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
संवैधानिक लड़ाई लड़ी जाएगी।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है, जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र और जनप्रतिनिधियों का अपमान बता रही है, वहीं भाजपा इसे कानून व्यवस्था और निष्पक्ष कार्रवाई का मामला कह रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है और कांग्रेस अपनी चेतावनी को कितनी गंभीरता से अमल में लाती है।



