“पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति समाज 24 अक्टूबर को निकालेगा रैली — पहचान और जमीन की रक्षा के लिए 8 सूत्रीय मांगपत्र सौंपेगा प्रशासन को”

पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति समाज 24 अक्टूबर को निकालेगा रैली — जमीन, जातीय पहचान और अधिकारों की सुरक्षा के लिए 8 सूत्रीय मांगपत्र सौंपेगा प्रशासन को
रामानुजगंज (जिला बलरामपुर-रामानुजगंज, छत्तीसगढ़):
सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति छत्तीसगढ़ के बैनर तले पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTGs) समाज ने अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। समाज द्वारा 24 अक्टूबर 2025, दिन शुक्रवार को रामचंद्रपुर तहसील कार्यालय परिसर में एक दिवसीय आमसभा एवं रैली का आयोजन किया जाएगा।
इस रैली के माध्यम से समाज के प्रतिनिधि महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के नाम 8 सूत्रीय मांगपत्र शांतिपूर्ण तरीके से सौंपेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक अनियमितताओं, जातीय पहचान में हो रहे भेदभाव, और भूमि हड़पने के षड्यंत्र के विरुद्ध आवाज़ उठाना है।
🔸 आरोप: पण्डो जाति को “परहिया” दिखाकर हो रहा है अन्याय
समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि रामचंद्रपुर तहसील कार्यालय में कुछ रीडर और कर्मचारियों द्वारा गैर जनजातीय लोगों के साथ मिलीभगत कर पण्डो जनजाति के पूर्वजों की जमीनें हड़पने की कोशिश की जा रही हैं। इसके लिए सरकारी दस्तावेजों में जानबूझकर “पण्डो” जाति की जगह “परहिया” जाति लिखी जा रही है।
प्रांतीय अध्यक्ष उदय कुमार ‘पण्डो’ ने कहा —
“यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व पर हमला है। हमारे समाज को परहिया लिखकर पहचान मिटाने की कोशिश हो रही है। हम अब खामोश नहीं रहेंगे।”
इसी प्रकार डॉ. सुखराम दोरपा ‘अबुझमाड़िया’ (संरक्षक) ने कहा कि यह प्रकरण संविधान के अनुच्छेद 46 के विरुद्ध है, जो अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक हितों की रक्षा की गारंटी देता है।

🔸 रैली में परंपरागत पहचान और एकता का प्रदर्शन
रैली में समाज के सदस्य अपनी पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ शामिल होंगे। प्रतिभागी अपने साथ मांदर, घुघुर, पैंजन, सरंगी, तीर-धनुष, गुलेल, बंशी-डोर, मछली पकड़ने का जाल, देवधामी त्रिशूल, गुरूद, छड़ी आदि लेकर आएंगे, जो पण्डो जनजाति की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं।
गांड़ाराय सोरी ‘कमार’ (उपसंरक्षक) ने बताया कि रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में थाना प्रभारी रामचंद्रपुर और तहसीलदार रामचंद्रपुर की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🔸 समाज की प्रमुख मांगें (8 सूत्रीय)
1. तहसील कार्यालय में जाति नाम परिवर्तन की जाँच उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए।
2. जिन अधिकारियों/कर्मचारियों ने पण्डो जाति को परहिया लिखकर धोखाधड़ी की है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
3. पण्डो जनजाति के नाम दर्ज भूमि की सुरक्षा के लिए स्थायी रिकॉर्ड बनाया जाए।
4. पण्डो समाज के युवाओं को सरकारी योजनाओं और शिक्षा में प्राथमिकता दी जाए।
5. विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के विकास के लिए पृथक जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए।
6. भूमि हड़पने और जातीय उत्पीड़न के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए।
7. समाज कल्याण विभाग द्वारा जनजातीय पहचान प्रमाण पत्रों की नियमित जांच की जाए।
8. पण्डो समाज के पारंपरिक देवस्थानों और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा की जाए।
🔸 समाज के पदाधिकारियों की भूमिका
इस आंदोलन में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी सक्रिय रूप से जुड़े हैं —
उदय कुमार ‘पण्डो’, प्रांतीय अध्यक्ष (मो. 8719039663)
डॉ. सुखराम दोरपा ‘अबुझमाड़िया’, संरक्षक (मो. 9806101077)धनीराम कडमिया ‘बैगा’, प्रांतीय सचिव (मो. 8461819305)गांड़ाराय सोरी ‘कमार’, उपसंरक्षक (मो. 9340620991)धुनेश्वर राम ‘पहाड़ी कोरवा’, प्रांतीय उपाध्यक्ष (मो. 6265450458)अर्जुन सिंह नायक ‘मुंजिया’, कोषाध्यक्ष (मो. 9399990196)हरिराम ‘बिरहोर’, प्रांतीय सह सचिव (मो. 6267762703)मोहरलाल ‘पण्डो’, मीडिया प्रभारी (मो. 9669768500)जोगी राम ‘पहाड़ी कोरवा’, सह मीडिया प्रभारी (मो. 7049447207)
🔸 संदेश: अपनी पहचान और हक़ की रक्षा के लिए एकजुट हो रहा है समाज
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि यह रैली किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि “अपनी जातीय अस्मिता, भूमि और अधिकारों की रक्षा” के लिए है। समाज का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जागरूक करना और यह संदेश देना है कि पण्डो जनजाति अपने हक से पीछे नहीं हटेगी।



