
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की कड़ी निंदा, राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
जगदलपुर।
युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा की है। प्रेस क्लब ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई और राज्य सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

परिवार के प्रति संवेदना
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने विज्ञप्ति जारी कर दिवंगत मुकेश चंद्राकर के परिवार और मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। विज्ञप्ति में कहा गया कि मुकेश ने “बस्तर जंक्शन” नामक एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल का संचालन किया और अपनी साहसिक पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने भ्रष्टाचार, आदिवासी अधिकारों और बस्तर क्षेत्र में उग्रवादी हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर रिपोर्टिंग कर महत्वपूर्ण योगदान दिय
बस्तर में पत्रकारों की स्थिति पर चिंता
प्रेस क्लब ने बस्तर संभाग में पत्रकारों के सामने आने वाले खतरों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि:
पत्रकारों पर हमले और उनकी हत्याएं बस्तर में एक नियमित समस्या बन चुकी हैं।
इस तरह की घटनाएं अस्वीकार्य हैं और इन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगनी चाहिए।
प्रेस क्लब ने राज्य सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की, जो लंबे समय से स्थानीय पत्रकारों द्वारा उठाई जा रही है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने लिया संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने भी मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में तेज और निष्पक्ष जांच करने की सिफारिश की है। प्रेस काउंसिल ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला हैं, और इन्हें रोका जाना चाहिए।
शोकसभा और विरोध सभा का आयोजन
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने अगले सप्ताह क्लब परिसर में शोकसभा और विरोध सभा आयोजित करने की घोषणा की है।इस सभा में विशेष रूप से उन पत्रकारों को आमंत्रित किया गया है, जो बस्तर क्षेत्र को कवर कर रहे हैं।
सभा का उद्देश्य मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि देना और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा करना है।
मुकेश चंद्राकर की हत्या ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस घटना की निंदा करते हुए सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाया है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस दिशा में कितनी तत्परता से कदम उठाती है।



