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“चोरी की सामग्री घर से मिली, पर मकान मालिक बरी – अभियंता की कार्रवाई पर सवाल”

बलरामपुर: 8.60 लाख की बिजली सामग्री जब्त, कार्यपालन अभियंता की रिपोर्ट पर उठे सवाल

बलरामपुर (संवाददाता)।
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में ग्राम नवाडीह, थाना चांदो से सरकारी विद्युत सामग्री बरामद होने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। करीब ₹8,60,000 मूल्य की सामग्री एक निजी मकान से मिली, लेकिन कार्यपालन अभियंता की रिपोर्ट में केवल मकान मालिक के दामाद को आरोपी बनाया गया।

बरामदगी की कार्रवाई

विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रकाश कुमार अग्रवाल ने 18 और 19 सितंबर 2025 को निरीक्षण किया। इस दौरान श्रीमती विभा गुप्ता, पति नरेश गुप्ता, के मकान से दर्जनों डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स, ट्रांसफार्मर, एबी केबल, क्लैम्प, रिंग और अन्य सामग्री मिली। विभाग ने इसकी कीमत 8 लाख 60 हजार रुपए आँकी।

FIR केवल दामाद पर

रिपोर्ट में दर्ज है कि सामग्री का भंडारण विभा गुप्ता के दामाद मनोज गुप्ता ने किया था। इसी आधार पर थाना चांदो पुलिस ने मनोज गुप्ता के विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 136 एवं 137 के तहत मामला दर्ज किया।

अभियंता की रिपोर्ट पर सवाल

मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि—

  • चोरी की भारी-भरकम सामग्री मकान मालिक के घर में मिली,
  • लेकिन मकान मालिक पर किसी प्रकार का अपराध दर्ज नहीं हुआ,
  • केवल दामाद को आरोपी बनाना क्या न्यायसंगत है?

कानून कहता है कि चोरी की या सरकारी सामग्री का भंडारण करना भी अपराध है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कार्यपालन अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में मकान मालिक को निर्दोष मानने का आधार क्या रखा?

स्थानीय प्रतिक्रिया

गांव में चर्चा है कि अगर सरकारी सामग्री किसी के घर में मिलती है तो उसकी जिम्मेदारी मकान मालिक पर भी बनती है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल दामाद को आरोपी बनाकर रिपोर्ट देना, मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

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