
बलरामपुर के पहले राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता ताइक्वांडो प्रशिक्षक प्रांजल सिंह को गुरु पूर्णिमा पर मिला जिला सम्मान
गुरु पूर्णिमा पर भाजपा संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया गया सम्मान
बलरामपुर ज़िले के लिए एक गर्व का क्षण उस समय आया जब ताइक्वांडो (मार्शल आर्ट) के राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशिक्षक प्रांजल सिंह को गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर ज़िले का सम्मान प्रदान किया गया। भाजपा प्रदेश संगठन के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें साल और श्रीफल भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
प्रांजल सिंह बलरामपुर ज़िले के पहले ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ जिले, बल्कि पूरे राज्य का नाम रौशन किया है। उन्होंने दो बार राष्ट्रीय स्वर्ण पदक हासिल किया है और आज भी बतौर प्रशिक्षक लगातार कार्यरत हैं।
प्रशिक्षण के ज़रिए आत्म-रक्षा की भावना को दे रहे विस्तार
सम्मान मिलने पर प्रांजल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा,
“इस उम्र में गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर गुरु के रूप में सम्मानित किया जाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं लंबे समय से कई ज़िलों में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देता आया हूं — सरकारी-प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और जागरूकता शिविरों में हज़ारों बच्चों, युवतियों और महिलाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षित किया है। ये मेरा कर्तव्य नहीं, मेरा सौभाग्य है। आत्मरक्षा सीखकर जब कोई खुद को निडर महसूस करता है, तो वही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि बन जाती है।”
कार्यक्रम में रही बड़ी उपस्थिति
जिला मुख्यालय बलरामपुर में आयोजित इस गुरु पूर्णिमा उत्सव में विभिन्न विधाओं के गुरुओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष लोधी एक्का, गोपाल कृष्ण मिश्र, बिहारी पाल, बंसीधर गुप्ता, दीनानाथ यादव, दिलीप सोनी, सत्य प्रकाश सिंह, कोदूराम द्विवेदी, डॉ. अर्चना गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
साथ ही स्वामी आत्मानंद स्कूल के सैकड़ों छात्र, स्थानीय शिक्षक-शिक्षिकाएं और नागरिक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन मुन्ना लाल चौधरी और भानु प्रकाश दीक्षित ने किया।




