क्राइम ब्रांच और समग्र शिक्षा के नाम पर शिक्षकों से धमकी व वसूली—डेटा लीक की आशंका

फर्जी कॉल कर शिक्षकों को धमका रहे ठग, क्राइम ब्रांच और समग्र शिक्षा रायपुर के नाम पर मचा रहे हड़कंप
शिक्षकों का बायोडाटा और स्कूल की जानकारी तक ठगों के पास — डेटा लीक की आशंका, महिला शिक्षकों में आक्रोश
बलरामपुर, छत्तीसगढ़।
जिले में शिक्षकों को बीते एक सप्ताह से लगातार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी कॉल और व्हाट्सऐप संदेशों के माध्यम से धमकाने और वसूली करने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। ठग खुद को क्राइम ब्रांच रायपुर या समग्र शिक्षा रायपुर का अधिकारी बताकर शिक्षकों पर झूठे आरोप लगाते हैं और पैसे की मांग करते हैं। इस घटना से शिक्षकों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त है।
क्राइम ब्रांच का नाम लेकर बना रहे दबाव
जानकारी के अनुसार, फर्जी कॉल करने वाले खुद को साइबर क्राइम ब्रांच रायपुर के एसपी या किसी वरिष्ठ अधिकारी के रूप में परिचय देते हैं। वे संबंधित शिक्षक को धमकाते हैं कि उसने अश्लील वीडियो देखा या साझा किया है, और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके बाद वे कहते हैं कि अगर शिक्षक गिरफ्तारी से बचना चाहता है तो उन्हें तुरंत पैसे भेजने होंगे।
कुछ मामलों में ठग व्हाट्सऐप पर अश्लील तस्वीरें भेजकर डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। वे “सहमति पत्र” या “कोड स्कैन” जैसी चालें चलकर क्यूआर कोड के जरिए राशि वसूलते हैं। लगभग खबर लिखे जाने तक शिक्षकों से लाखों रुपए की जा चुकी है

समग्र शिक्षा रायपुर के नाम पर नई ठगी की चाल
दूसरी ओर, कुछ कॉल समग्र शिक्षा रायपुर के नाम से आ रहे हैं। इनमें कॉल करने वाले शिक्षक पर आरोप लगाते हैं कि उसने इको क्लब या अन्य मदों की राशि का सही उपयोग नहीं किया, और उसके खिलाफ दो तरह की जांच कराई जाएगी। वे निलंबन या जेल भेजने की धमकी देकर कहते हैं कि यदि तुरंत कुछ राशि भेज दी जाए तो कार्रवाई रोक दी जाएगी।
डेटा लीक की गहरी आशंका
शिक्षकों ने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति उनके पूरा बायोडाटा, पदनाम, विद्यालय का नाम और स्थान तक जानते हैं। इस कारण शिक्षक उन्हें वास्तविक अधिकारी मान लेते हैं। इससे यह आशंका गहराई से उभर रही है कि शिक्षा विभाग का डेटा कहीं न कहीं से लीक हुआ है।
विभाग की ओर से समय-समय पर गूगल फॉर्म, लिंक या एप्स के माध्यम से व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी मांगी जाती है, परंतु उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती। शिक्षकों का कहना है कि यदि डेटा सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में कोई भी शिक्षक ऑनलाइन जानकारी देने से हिचकिचाएगा।

फर्जी कॉल्स के नंबरों की सूची
शिक्षकों ने बताया कि ज्यादातर कॉल निम्न मोबाइल नंबरों से आ रहे हैं:
📞 6386398949, 8827802218, 7054191008, 7440621619, 9174861109
इन नंबरों से कॉल करने वाले लोग शिक्षकों को धमकाते हैं, गाली-गलौज करते हैं, और पैसे न देने पर विभागीय कार्रवाई की बात कहते हैं।
महिला शिक्षकों में रोष, महिला मोर्चा हुआ लामबंद
इस घटनाक्रम के बाद महिला शिक्षकों में भी भारी आक्रोश फैल गया है। महिला मोर्चा की ओर से कहा गया है कि विभाग कर्मचारियों की गोपनीयता की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रहा है।
पीड़ित शिक्षिकाओं ने कहा कि जो लोग डेटा लीक कर रहे हैं या हैकर्स को सहयोग दे रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
महिला मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जवाबदेही तय करने और क्षतिपूर्ति की मांग
शिक्षक संघों ने यह भी मांग रखी है कि यदि किसी शिक्षक के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग होता है, तो विभाग को उसकी क्षतिपूर्ति और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का मोबाइल और व्यक्तिगत जानकारी उसकी निजी संपत्ति है, और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी विभाग की होनी चाहिए।

प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील
पीड़ित शिक्षकों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण पर साइबर सेल और पुलिस विभाग संयुक्त जांच करें और ठगों को जल्द पकड़कर सख्त सजा दी जाए।
साथ ही विभाग से अनुरोध किया गया है कि भविष्य में डेटा सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल और एन्क्रिप्टेड सिस्टम लागू किए जाएँ, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों की गोपनीय जानकारी सुरक्षित रहे।




