7.50 लाख के नशीले इंजेक्शन के साथ गढ़वा झारखंड के सबसे बड़े सप्लायर समेत 03आरोपी गिरफ्तार

नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट, झारखंड के सबसे बड़े सप्लायर समेत 03 आरोपी गिरफ्तार
सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग को बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने झारखंड के गढ़वा जिले के कुख्यात नशीले इंजेक्शन सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा और उसके दो पार्टनर्स सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। कार्रवाई के दौरान कुल 7.50 लाख रुपए मूल्य के नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल किया गया।
यह पूरी कार्रवाई जिला आबकारी अधिकारी इंद्रबली मारकंडे के मार्गदर्शन में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में अंजाम दी गई।
30 जनवरी को हुई पहली बड़ी कार्रवाई
दिनांक 30 जनवरी 2026 को संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गोदरमाना (झारखंड) निवासी अनूप गुप्ता एवं बतौली (सरगुजा) निवासी विनय गुप्ता को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से 1200 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई। प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी अनूप गुप्ता ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि वह नशीले इंजेक्शन झारखंड के गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से खरीदता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि रंजीत विश्वकर्मा के साथ मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार पार्टनर के रूप में काम करते हैं और वही छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करते हैं।
साइबर सेल की मदद से 24 घंटे में मास्टरमाइंड गिरफ्तार
जानकारी मिलते ही सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने सरगुजा रेंज के डीआईजी राजेश अग्रवाल से साइबर सेल की सहायता मांगी। साइबर सेल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस किए।
इसके बाद 31 जनवरी 2026 की शाम रामानुजगंज के पलटन घाट क्षेत्र में संयुक्त दबिश दी गई, जहां से गढ़वा निवासी रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी एवं प्रमोद कुमार को एक साथ गिरफ्तार किया गया। तलाशी में इनके कब्जे से 1500 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 7.50 लाख रुपए बताई गई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
तीनों आरोपियों को अनूप गुप्ता एवं विनय गुप्ता के प्रकरण में भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) एवं 29 के तहत पृथक प्रकरण दर्ज किया गया। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय रामानुजगंज में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
“गढ़वा का सबसे बड़ा सप्लायर” माना जाता था रंजीत विश्वकर्मा
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि रंजीत विश्वकर्मा को गढ़वा जिले का सबसे बड़ा नशीले इंजेक्शन सप्लायर माना जाता है। उसकी गिरफ्तारी उड़नदस्ता टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपी अनूप गुप्ता ने यह भी स्वीकार किया था कि यदि रंजीत विश्वकर्मा गिरफ्तार हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार पर लगभग 50 प्रतिशत तक रोक लग सकती है।
साइबर सेल और उड़नदस्ता टीम की सराहनीय भूमिका
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने इस बड़ी सफलता के लिए डीआईजी श्री राजेश अग्रवाल एवं साइबर सेल सरगुजा की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से साइबर सेल के अजीत मिश्रा, भोजराज पासवान, जितेश साहू, विकास सिन्हा और लीना तिर्की के योगदान की सराहना की।
इसके साथ ही आबकारी उड़नदस्ता टीम के अशोक सोनी, गणेश पांडे, रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, चंद्रावती एवं नीरज चौहान की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
जनवरी माह में लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई
उड़न दस्ता टीम के द्वारा जनवरी भर में किए गए करवाई
आबकारी उड़नदस्ता टीम ने जनवरी माह के दौरान कुल 6 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। टीम द्वारा कुल 3575 नग नशीली सामग्री जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 18 लाख रुपए आंकी गई है। यह सभी कार्रवाई सरगुजा संभाग के बलरामपुर, सरगुजा एवं सूरजपुर जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर की गई।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान में एक मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले समय में ऐसे नेटवर्क पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।




