धान खरीदी के अंतिम दिन सिस्टम फेल, केंद्रों पर किसानों की बाढ़, सड़कों पर ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर

धान खरीदी के अंतिम दिन उपार्जन केंद्रों में उमड़ी किसानों की भारी भीड़, कई जगह लगा जाम
बलरामपुर।
जिले में धान खरीदी के अंतिम दिन शुक्रवार को उपार्जन केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही किसान ट्रैक्टरों में धान भरकर केंद्रों पर पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। हालात ऐसे रहे कि कई केंद्रों तक पहुंचने वाले मार्गों पर दो से तीन किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई।

जिला मुख्यालय के समीप स्थित बहकीमहरी धान उपार्जन केंद्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर रही। यहां 400 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ किसान धान बेचने पहुंचे। इसके अलावा अन्य उपार्जन केंद्रों पर भी इसी तरह भारी भीड़ देखने को मिली। कामेश्वर नगर में 200, रघुनाथ नगर में 104, रामनगर में 123, वीरेंद्रनगर में 154, बसंतपुर में 112 और बलरामपुर में 3 किसानों के टोकन काटे गए।

इसी तरह अलामी में 131, जबड़ी में 125, हिंदी में 156, परता में 118, धापुर में 147, बरका में 161, कल में 183, महाराजगंज में 125, राजपुर में 144 और सरन उपार्जन केंद्र में 103 किसानों के टोकन जारी किए गए।
वहीं जिले में लगभगधान उपार्जन केंद्र है
जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों की सूची इस प्रकार रही
जिले में कुल 40 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की गई। इनमें कपिलदेवपुर क्षेत्र में दो केंद्र कपिलदेवपुर और कपिलदेवपुर बादा शामिल रहे। कुसमी विकासखंड अंतर्गत कुसमी, कुसमी जवाहरनगर और चांदों (कुसमी चांदो) केंद्र संचालित किए गए। कामेश्वरनगर, कोडवा (कोडया), गोपालपुर और गोपालपुर भेंझी में भी उपार्जन केंद्र रहे।
जमडी, जिगडी, जोकापाठ (भरतपुर), डिण्डों डुमरपान और डिण्डों में खरीदी केंद्र बनाए गए थे। इसी तरह डीपाडीह, त्रिकण्डा मांजर, विकृण्डा त्रिकुण्डा, त्रिकुण्डा बगरा और तातापानी में भी धान उपार्जन केंद्र संचालित रहे।
धंधापुर (भंधापुर), पस्ता डौरा और पस्ता, बड़कागांव, बरतीकला, बरदर, बरियों आरा और बरियों में किसानों ने धान बिक्री की। इसके अलावा बलंगी, बलरामपुर, बसंतपुर, भुलसीकला, अवरमात भंवरमाल, भंवरमाल रामानुजगंज, महराजगंज/महराजगंज, महावीरगंज महाधीरगंज और महावीरगंज विजयनगर केंद्र भी शामिल रहे।
अंत में रघुनाथनगर, रनात उताहत और राजपुर उपार्जन केंद्रों के माध्यम से जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी की गई।

देर रात तक चली खरीदी, किसानों ने किया रतजगा
भारी भीड़ के चलते कई उपार्जन केंद्रों पर देर रात तक खरीदी कार्य जारी रहा। किसानों को अपनी बारी के इंतजार में रतजगा करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने और कतार व्यवस्था बनाए रखने में समितियों और प्रशासनिक अमले को काफी मशक्कत करनी पड़ी, हालांकि खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहे।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बताया कि शुक्रवार को जिले के जितने भी किसान उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे, सभी के टोकन काटे गए हैं। इसी वजह से केंद्रों पर भीड़ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 2 लाख 32 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी।
कलेक्टर ने किसानों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि भले ही खरीदी प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ हो, लेकिन एक भी किसान का धान नहीं छोड़ा जाएगा। प्रशासन ने देर रात तक खरीदी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

टोकन व्यवस्था पर उठे सवाल, कांग्रेस का आरोप
धान खरीदी के अंतिम दिन किसानों की भारी मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि जिले में खरीदी को लेकर किसानों को काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, कई किसानों का कहना है कि यदि टोकन सुनियोजित तरीके से पहले ही काटे गए होते, तो अंतिम दिन इस तरह की अफरा-तफरी और लंबी कतारें नहीं लगतीं।
वहीं कांग्रेस ने सरकार और जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों से धान खरीदी में जानबूझकर लापरवाही बरती गई। कांग्रेस का कहना है कि अंतिम दिन बड़ी संख्या में टोकन काटे जाना इस बात का संकेत है कि सरकार और प्रशासन किसानों का धान खरीदने के प्रति गंभीर नहीं थे।





