राजस्व आदेशों और जमीन फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड दस्तगीर अंसारी गिरफ्तार

राजस्व आदेशों और जमीन के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड दस्तगीर अंसारी गिरफ्तार
सरगुजा पुलिस ने राजस्व मण्डल बिलासपुर के आदेशों की कूटरचना और जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड मो. दस्तगीर अंसारी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा उजागर?
यह मामला तब सामने आया जब अशोक अग्रवाल विरुद्ध सुखमणिया एवं अन्य तथा मो. फारुख बनाम भगतु राम से संबंधित राजस्व मण्डल, बिलासपुर के आदेश संदेहास्पद प्रतीत हुए।
पीड़ित पक्षों को जब आदेशों में अनियमितता लगी तो उन्होंने थाना कोतवाली, अंबिकापुर में 6 सितंबर 2024 को लिखित शिकायत दर्ज कराई।शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजस्व आदेशों में कूटरचना कर अवैध रूप से कुछ लोगों को लाभ पहुंचाया गया।प्राथमिक जांच में संदेह सही पाया गया और राजस्व मण्डल के आदेशों की जांच करवाई गई।
फर्जी आदेशों की पुष्टि और अपराध का खुलासा
जांच में यह सामने आया कि कुछ व्यक्तियों ने राजस्व मण्डल, बिलासपुर के आदेशों को कूटरचित कर अपने पक्ष में निर्णय पारित कराया था।
इस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 595/24 एवं 660/24 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बी.एन.एस. में मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की।
कैसे काम करता था गिरोह?
जांच में यह खुलासा हुआ कि यह मामला केवल एक या दो आदेशों की हेराफेरी तक सीमित नहीं था।
आरोपी मो. दस्तगीर अंसारी और मो. फारुख एक संगठित गिरोह चलाते थे, जो राजस्व आदेशों को फर्जी तरीके से संशोधित कर अपने पक्ष में करवा लेते थे।
सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर यह गिरोह जमीन के फर्जी पट्टे, नकली रजिस्ट्री और जाली राजस्व अभिलेख तैयार करता था।
इस गिरोह ने बलरामपुर जिले में भी फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनों की धोखाधड़ी से बिक्री की।
गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी मो. दस्तगीर अंसारी (52 वर्ष), पिता स्व. मो. सादिक, निवासी रामानुजगंज, बलरामपुर पहले भी जमीन के फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों में संलिप्त रहा है।
वह अपने सहयोगी मो. फारुख के साथ मिलकर वर्षों से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को गुमराह करता था।
यह गिरोह सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर दस्तावेजों में कूटरचना करता था।
अब तक कई लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
सरगुजा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मुख्य आरोपी मो. दस्तगीर अंसारी उत्तर प्रदेश के बिंढमगंज क्षेत्र में अपने परिजनों के पास छिपा हुआ है।
थाना कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि उसने राजस्व आदेशों में हेरफेर कर फर्जी तरीके से भूमि विवादों का निपटारा करवाया था।
आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे

अब तक की जांच में आरोपी के खिलाफ कई फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
पुलिस उन सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो इस गिरोह को सहायता प्रदान कर रहे थे।
बलरामपुर जिले में जिन-जिन लोगों ने इस गिरोह से जमीन खरीदी, उनकी भी जांच की जा रही है।
इस मामले में अन्य संभावित गिरफ्तारियां जल्द हो सकती हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे फर्जीवाड़े को उजागर करने और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में थाना कोतवाली, अंबिकापुर की पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से बचाव के लिए उठाए गए कदम
पुलिस ने इस मामले के बाद राजस्व विभाग और संबंधित सरकारी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके।
भूमि संबंधित आदेशों की दोबारा समीक्षा की जाएगी, ताकि फर्जी आदेशों की पहचान की जा सके।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी भूमि क्रेताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी खरीदारी से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच करवाएं।
सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर राजस्व आदेशों को कूटरचित करना और जमीन के नकली कागजात तैयार कर धोखाधड़ी करना एक गंभीर अपराध है।
इस मामले में मुख्य आरोपी मो. दस्तगीर अंसारी गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन जांच अभी भी जारी है।
सरगुजा पुलिस की इस तेजी से की गई कार्रवाई ने एक बड़े फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया है, जिससे भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।



