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गड्ढों में गुम होती सड़क: NH-343 की दुर्दशा पर स्थानीय नागरिकों ने उठाया सुधार का बीड़ा

बलरामपुर/रामानुजगंज, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाली अहम राष्ट्रीय राजमार्ग NH-343 आज बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसे देखकर हर राहगीर परेशान ही नहीं, बल्कि डर के साए में सफर करने को मजबूर है। बलरामपुर ज़िले से होकर गुजरने वाली यह सड़क इस कदर खस्ताहाल हो चुकी है कि उसमें गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है।

यह मार्ग न केवल दो राज्यों को जोड़ता है, बल्कि व्यापार, परिवहन और सामाजिक जुड़ाव के लिहाज़ से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि इस पर वाहन चलाना किसी जोखिम से कम नहीं। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है और वाहन फंसते हैं। आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, लोग घायल होते हैं, परंतु सरकारी तंत्र पूरी तरह से मौन और निष्क्रिय दिखाई दे रहा है।


राज्य में डबल इंजन की सरकार है, और बलरामपुर-रामानुजगंज से चुने गए वरिष्ठ नेता राम विचार नेताम सरकार में मंत्री पद पर आसीन हैं। बावजूद इसके, सड़क की मरम्मत या नवीनीकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार के पास घोषणाओं के लिए मंच है, पर ज़मीनी काम के लिए न तो बजट है, न मंशा।



स्थिति तब और भी शर्मनाक हो गई, जब महीनों से जर्जर सड़क की ओर न तो जिला प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही लोक निर्माण विभाग ने कोई कार्यवाही की। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर अपने संसाधनों से सड़क मरम्मत का बीड़ा उठाया। गांव-गांव से लोग इकट्ठा होकर बड़े-बड़े गड्ढों में मोरम भर रहे हैं ताकि कम से कम लोग सुरक्षित यात्रा कर सकें।



बलरामपुर निवासी देवकुमार साहू, जो रोज़ इसी सड़क से होकर अपने काम पर जाते हैं, कहते हैं, “हमारी सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं रही। जब कोई सुनवाई नहीं होती, तब हमें ही हाथ में बेलचा और तगाड़ी उठानी पड़ती है।”

यह दृश्य कहीं न कहीं यह बताता है कि जब शासकीय मशीनरी फेल हो जाती है, तब नागरिकों की चेतना और सहभागिता ही समाज को संभालती है। पर सवाल यह उठता है — क्या सड़कें बनाना, सुधारना और नागरिकों को सुरक्षित यात्रा देना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है?



स्थानीय जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और भविष्य में ऐसे अहम मार्गों की निगरानी के लिए कोई स्थायी योजना बनाई जाए। वरना यह स्थिति न सिर्फ नागरिकों की जान को खतरे में डाल रही है, बल्कि शासन की छवि पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही है।

नोट :- अगर NH343 से लगे ग्राम पंचायत थोड़ी मानवता दिखाएं इस युवक की तरह जो अपने बलबूते पर सड़क के गड्ढों को भर रहा है तो इस सड़क पर चलने वालों को थोड़ी राहत मिल जाएगी

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