
बलरामपुर (छत्तीसगढ़)।
ग्राम पंचायत भाला में जल संसाधन विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे सिंचाई परियोजना में घोर अनियमितता और भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत पर जनप्रतिनिधियों ने जब निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया, तो घटिया निर्माण की पोल खुल गई। मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई गई और ठेकेदार को जमकर खरी-खोटी सुनाई गई।

निरीक्षण में सामने आया कि निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इस भ्रष्टाचार की बू नई नहीं है। कुछ ही महीने पहले इसी विभाग द्वारा कराए गए पाइपलाइन कार्य में भी घटिया गुणवत्ता के आरोप लगे थे, जिनके वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे — मगर परिणाम वही ढाक के तीन पात।

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस परियोजना का काम ठेकेदार मोटे कमीशन में एक पेटी कॉन्टैक्टर ठेकेदार को दिया गया है, विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं, मानो भ्रष्टाचार की मिलीभगत को मौन स्वीकृति दे रहे हों।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि शीघ्र ही कार्य की गुणवत्ता नहीं सुधारी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापक आंदोलन होगा।
उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग पहले भी करोड़ों की गबन के मामलों में घिर चुका है। कुछ अधिकारी जेल की हवा खा चुके हैं, तो कुछ अब भी जांच की जद में हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी?
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के जनपद पंचायत सदस्य सहित प्रमुख रूप से पूर्व सरपंच बीरबल सरुता, उप सरपंच देवसाय, , विनीत गुप्ता, बासदेव पोया, संदीप कुशवाहा, केशुपाल सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।




