शिक्षा नीति में अनियमितता का आरोप, बलरामपुर में शिक्षक सड़कों पर

बलरामपुर: शिक्षक साझा मंच ने कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव, युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ जताया विरोध
बलरामपुर। शिक्षक साझा मंच के बैनर तले जिले भर से जुटे सैकड़ों शिक्षकों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करते हुए युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि इस नीति के क्रियान्वयन में भारी लापरवाही और अनियमितता बरती गई है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव समेत अन्य अधिकारियों के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
क्या है मामला?
राज्य सरकार का दावा है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से युक्तियुक्तकरण नीति के तहत स्कूलों का समाकलन किया जा रहा है और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में नई नियुक्तियाँ भी की जा रही हैं। लेकिन बलरामपुर जिले में इस नीति को लेकर शिक्षक संगठन नाराज़ हैं। उनका कहना है कि ज़मीनी स्तर पर न तो नियमों का पालन हो रहा है और न ही पारदर्शिता रखी जा रही है।
शिक्षकों का पक्ष
प्रदर्शन में शामिल शिक्षक देवनारायण ने कहा, “हम किसी भी नीति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से इसे लागू किया गया है, वह पूरी तरह असंगठित और पक्षपातपूर्ण है।”
वहीं शिक्षिका जयंती यादव ने कहा, “हमारी मांग है कि नीति की समीक्षा की जाए और शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता लाई जाए।”
ज्ञापन सौंपा गया
शिक्षकों ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।



