
झमाझम बारिश में कांग्रेस का युक्तिकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज जिला कांग्रेस कमेटी ने झमाझम बारिश के बीच जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया और महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए राज्य सरकार की ‘युक्तियुक्तकरण’ नीति का कड़ा विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार शिक्षा विभाग के नए सेटअप के नाम पर प्रदेशभर में स्कूलों को बंद करने और हजारों शिक्षक पदों को समाप्त करने की साजिश रच रही है। कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि यह नीति न केवल शिक्षा विरोधी है, बल्कि रोजगार विरोधी भी है।

ज्ञापन के अनुसार, इस युक्तियुक्तकरण योजना से प्रदेश में लगभग 45,000 शिक्षकों के पद समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही 10,463 स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जिससे न केवल शिक्षक बल्कि रसोइया, भृत्य, महिला स्वसहायता समूह और स्थानीय युवाओं का रोजगार भी खतरे में पड़ गया है।
अनुसूचित क्षेत्रों पर सबसे बुरा असर:
यह कदम विशेषकर सरगुजा और बस्तर संभाग जैसे अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब एक स्कूल में सिर्फ दो शिक्षक बचेंगे तो वे 18 अलग-अलग कक्षाओं को कैसे पढ़ा पाएंगे? इसके अलावा, शिक्षकों पर मध्यान्ह भोजन, डाक-व्यवस्था और शासन के अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी भी लादी जा रही है।
कांग्रेस की मांग:
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने साफ शब्दों में कहा कि वे इस शिक्षा और रोजगार विरोधी नीति के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से युक्तियुक्तकरण को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।



