
रामानुजगंज, 21 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी, जर्जर सड़कें और कांग्रेस नेताओं पर ईडी-सीबीआई की कार्रवाइयों के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को रामानुजगंज में जबरदस्त प्रदर्शन किया। दिनभर चले विरोध कार्यक्रम के तहत कांग्रेस ने एक साथ तीन मुद्दों पर मोर्चा खोलते हुए शासन-प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं ने पहले NH-343 की दुर्दशा के विरोध में अंबिकापुर बैरियर के पास चक्काजाम किया, बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि को लेकरJ.E. कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा और अंत में ईडी-सीबीआई की कार्रवाई और चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों का पुतला दहन कर गुस्सा जताया।

कार्यकर्ताओं ने पहले रामानुजगंज से अंबिकापुर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग NH-343 की हालत बरसात शुरू होने के बाद से और बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई लोग घायल हो चुके हैं, और आवागमन लगभग ठप हो चुका है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 20 जुलाई तक सड़क मरम्मत शुरू न होने की स्थिति में चक्काजाम की चेतावनी दी थी, और उसी के तहत आज दोपहर 12 बजे अंबिकापुर बैरियर के पास जाम लगाया गया।
NH-343 की हालत बेहद खराब, आमजन परेशान
इस चक्काजाम में स्थानीय नागरिक, व्यापारी, युवा और किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो पूरे ज़िले में आंदोलन को फैलाया जाएगा।

बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर J.E. कार्यालय का घेरा बिजली दरों में चौथी बार बढ़ोतरी, आम जनता त्रस्त
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि राज्य की भाजपा सरकार द्वारा पिछले डेढ़ साल में चौथी बार बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं, जो पूरी तरह से जनविरोधी है।
इस वृद्धि के अनुसार—
घरेलू उपभोक्ताओं पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट,
गैर-घरेलू (व्यवसायिक) उपभोक्ताओं पर 25 पैसे प्रति यूनिट,
तथा किसानों के कृषि पंप कनेक्शन पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
इससे एक सामान्य घरेलू उपभोक्ता पर औसतन ₹30 से ₹100 प्रतिमाह अतिरिक्त भार पड़ेगा, वहीं किसानों की बिजली लागत में प्रतिवर्ष हजारों रुपये की बढ़ोतरी होगी।
प्रदर्शनकारी कांग्रेसजनों ने J.E. कार्यालय का घेराव किया और ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द दरें वापस नहीं ली गईं, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस की चेतावनी – लड़ाई और तेज होगी
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के अंत में चेतावनी दी कि यदि—
1. बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस नहीं लिया गया,
2. NH-343 की मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू नहीं किया गया,
3. और ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग पर रोक नहीं लगी,
तो आने वाले दिनों में पूरे बलरामपुर जिले सहित राज्यभर में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
ईडी-सीबीआई की कार्रवाइयों को बताया राजनीतिक प्रतिशोध, पुतला दहन किया
प्रदर्शन का तीसरा और सबसे उग्र चरण तब देखने को मिला, जब कार्यकर्ताओं ने ईडी और सीबीआई की कार्रवाइयों को ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’ बताते हुए उनका पुतला जलाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार अपने विरोधियों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई,अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लगातार नोटिस,और हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने इस आशंका को और गहरा किया है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी रणनीति के तहत डर और दमन का वातावरण बना रही है, लेकिन कांग्रेस इसका डटकर विरोध करेगी।



