
रामानुजगंज को मिलने जा रहा केंद्रीय विद्यालय का तोहफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया, मंत्री राम विचार नेताम की पहल रंग लाई
नई दिल्ली/बलरामपुर-रामानुजगंज (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ के किसान कल्याण एवं आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात केंद्रीय मंत्री के दिल्ली स्थित निवास-कार्यालय में हुई, जहां क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
जनजातीय क्षेत्र की शिक्षा पर जोर
मुलाकात के दौरान मंत्री नेताम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिला एक जनजातीय बाहुल्य इलाका है, जहां शिक्षा के अवसर सीमित हैं। विशेषकर रामानुजगंज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लंबे समय से केंद्रीय विद्यालय की मांग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार इस विषय पर आवाज उठाई, लेकिन अब तक विद्यालय स्वीकृत नहीं हो सका। मंत्री नेताम ने कहा,
“केंद्रीय विद्यालय खुलने से न केवल रामानुजगंज बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।”
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंत्री नेताम की पहल की सराहना की और आश्वासन दिया कि रामानुजगंज में केंद्रीय विद्यालय खोलने के प्रस्ताव पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
स्थानीय लोगों में खुशी की लहर
रामानुजगंज में केंद्रीय विद्यालय की मांग कई वर्षों से उठाई जा रही थी। इस पहल से अब उम्मीद जगी है कि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम होगी।
स्थानीय निवासी संतोष कुमार यादव ने कहा,
“केंद्रीय विद्यालय खुलना यहां के बच्चों के लिए सुनहरे भविष्य की शुरुआत होगी।”
वहीं, क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि ने इसे “मंत्री राम विचार नेताम के प्रयासों की बड़ी उपलब्धि” बताया।
पृष्ठभूमि
बलरामपुर-रामानुजगंज जिला छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और यह जनजातीय जनसंख्या वाला क्षेत्र है।
यहां शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
केंद्रीय विद्यालय खुलने पर न केवल CBSE आधारित शिक्षा उपलब्ध होगी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर तैयारी का माहौल बनेगा।



