शादी में आई नाबालिग से दुष्कर्म, तीनों आरोपी उम्रकैद की सजा

नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म पर तीनों दोषियों को उम्रकैद फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) रामानुजगंज का फैसला
बलरामपुर-रामानुजगंज।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) रामानुजगंज ने नाबालिग से दुष्कर्म के जघन्य मामले में तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों को 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर उन्हें 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शादी में आई थी नाबालिग
पीड़िता अपनी चचेरी बहन के यहां शादी में शामिल होने आई हुई थी। उसी दौरान तीनों आरोपी —
- चंद्र प्रकाश मिंज,
- संदीप तिर्की और
- विनोद एक्का
ने उसे आइसक्रीम खिलाने के बहाने पास की पुलिया तक बलपूर्वक लाए और वहां पर तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकी दी कि घटना की जानकारी किसी को दी तो जान से मार देंगे।
तत्काल कार्रवाई
पीड़िता ने साहस दिखाकर परिजनों को घटना बताई। परिजनों की रिपोर्ट पर थाना कुसमी में अपराध क्रमांक 32/2023 दर्ज किया गया।
आरोपियों पर धारा 363, 34 भादवि और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मामला कायम हुआ। कुसमी थाना पुलिस ने तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
अदालत का फैसला
विशेष सत्र (पॉक्सो) प्रकरण क्रमांक 73/2023 की सुनवाई में अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर तीनों को दोषी पाया।
विद्वान न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी, अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) रामानुजगंज ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।
समाज को संदेश
न्यायालय ने कहा कि नाबालिगों के साथ इस तरह के अपराध पूरे समाज के लिए कलंक हैं। दोषियों को कठोर दंड देकर यह संदेश दिया गया है कि इस प्रकार के अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।



