बलरामपुर में यूरिया संकट से किसानों में उबाल – कालाबाजारी पर सरकार-प्रशासन को घेरा, 3 सितम्बर को जनसभा का ऐलान

बलरामपुर।
जिले में यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी से किसान बेहाल हैं। एक तरफ सहकारी समितियों में करीब महीने भर से यूरिया का नामोनिशान नहीं है, वहीं खुले बाजार में यह 270 रुपये का बोरा 700 से 1200 रुपये में बेचा जा रहा है। मजबूरी में किसान महंगे दाम पर खाद खरीद रहे हैं। इससे आक्रोशित किसानों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तत्काल व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।
किसानों ने शनिवार को रामानुजगंज एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा कृषि मंत्री रामविचार नेताम को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की। किसानों का कहना है कि इस साल लगातार बारिश की वजह से धान ही एकमात्र सहारा है। समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से धान की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा और किसान कर्ज में डूब जाएंगे।
ज्ञापन में साफ लिखा गया है कि अगर 1 सितम्बर तक सहकारी समितियों और बाजार में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसान आंदोलन के लिए विवश होंगे।
इसी बीच किसानों ने 3 सितम्बर को सनावल चौक में जनसभा करने का ऐलान किया है। इसके लिए रामानुजगंज एसडीएम से लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति मांगी गई है। दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलने वाली इस सभा में हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि किसानों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 1 सितम्बर तक शासन-प्रशासन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कर देता है तो यह जनसभा स्थगित कर दी जाएगी।
किसानों का कहना है कि खाद की कालाबाजारी रोकना सरकार और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज़ होगा।



