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भूमाफियाओं से मिलीभगत का आरोप, पण्डो समाज ने तहसीलदार को सौंपा राज्यपाल-सीएम-राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

भूमाफियाओं से मिलीभगत कर राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप — पण्डो जनजाति ने तहसीलदार को सौंपा राज्यपाल, मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

रामचंद्रपुर (बलरामपुर-रामानुजगंज):
रामचंद्रपुर तहसील कार्यालय में भूमाफियाओं और राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTGs) के लोगों की जमीन लूटे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो के नेतृत्व में पण्डो समाज के सैकड़ों लोगों ने एक दिवसीय जंगी रैली और प्रदर्शन कर तहसील कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।



संगठन ने आरोप लगाया कि तहसील रामचंद्रपुर के रीडर तहसीलदार और भूमाफिया निखिल गुप्ता व राजेंद्र गुप्ता की मिलीभगत से पण्डो जनजाति के राजस्व अभिलेखों में मनमाने ढंग से छेड़छाड़ की जा रही है। पण्डो जाति के स्थान पर “परहिया” जाति लिखकर उन्हें सामान्य वर्ग का दिखाया जा रहा है, ताकि उनकी पुश्तैनी जमीन गैर-आदिवासियों के नाम पर बेची जा सके।



              कमिश्नर के आदेश की अनदेखी

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरगुजा संभाग के कमिश्नर कार्यालय, अंबिकापुर द्वारा पहले ही आदेश जारी कर दिया गया है कि पण्डो जनजाति की जमीन को “परहिया–भुइहार” या किसी सामान्य जाति के नाम पर बेचा या रजिस्ट्री नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके तहसील रामचंद्रपुर के रीडर कार्यालय द्वारा इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।

आवेदन नहीं लिया जा रहा, गरीब परिवारों को गुमराह किया जा रहा

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि तहसील कार्यालय में पण्डो जनजाति से संबंधित शिकायतें स्वीकार नहीं की जा रही हैं। उल्टे, भूमाफियाओं से मिलीभगत कर गरीब, अशिक्षित पण्डो परिवारों को गलत जानकारी देकर गुमराह किया जा रहा है। कई मामलों में उन्हें अपमानित किया गया है और उनके दस्तावेजों में गलत जाति दर्ज की गई है।

       पण्डो समाज की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें

1. भूमाफियाओं और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर:
पण्डो जाति के स्थान पर “परहिया” जाति लिखकर राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करने वाले निखिल गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता और संबंधित राजस्व कर्मचारियों पर एफ.आई.आर. दर्ज की जाए।


2. जाति गलत लिखने पर कानूनी कार्रवाई:
किसी भी आवेदन या दस्तावेज में पण्डो के स्थान पर परहिया लिखे जाने पर संबंधित व्यक्ति और अधिकारी पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।


3. भूमि लूट और उत्पीड़न रोकने की मांग:
पण्डो परिवारों की जमीन लूटने, धमकाने या सामान्य जाति बताकर प्रताड़ित करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।


4. सरकारी कार्यालयों में भेदभाव खत्म हो:
किसी भी सरकारी विभाग में पण्डो जनजाति को परहिया या सामान्य जाति बताकर भेदभाव न किया जाए।


5. फर्जी रजिस्ट्री रोकने की मांग:
कमिश्नर आदेश के बावजूद पण्डो भूमि की अवैध खरीदी-बिक्री करने वाले रजिस्ट्रार और भूमाफियाओं पर कार्रवाई हो।


6. स्वास्थ्य सेवाओं में भेदभाव न हो:
स्वास्थ्य विभाग समेत सभी सरकारी सेवाओं में पण्डो समुदाय के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने वालों पर कार्रवाई हो।


7. जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण:
जिन पण्डो परिवारों के पास पुराने राजस्व या शैक्षणिक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें ग्राम सभा प्रस्ताव के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए।


8. वन भूमि पर कब्जे का संरक्षण:
पण्डो, पहाड़ी कोरवा, कोरवा व कोडाकू जनजातियों को उनके काबिज छोटे झिरी वन भूमि का पट्टा दिया जाए, और वन विभाग उनके घर या फसल को न तोड़े।



                उग्र आंदोलन की चेतावनी

समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो पण्डो जनजाति सामूहिक रूप से चक्का जाम, पदयात्रा और राजभवन-सीएम हाउस घेराव जैसे उग्र आंदोलन करने को विवश होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

        कार्यक्रम में भारी जनसमूह की उपस्थिति

ज्ञापन सौंपने के इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो, प्रदेश सचिव देवचंद राम पण्डो, संभागीय पदाधिकारी राजकुमार पण्डो, देवनारायण पण्डो, जिला अध्यक्ष नंदकेश्वर पण्डो, ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक पण्डो, विजय शंकर पण्डो, भोला राम पण्डो सहित सैकड़ों महिला और पुरुष उपस्थित थे। समाज के लोगों ने एक स्वर में “भूमाफियाओं पर कार्रवाई करो – पण्डो समाज को न्याय दो” जैसे नारे लगाए।

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