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बलरामपुर में गांजा तस्करी पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 11 क्विंटल गांजे से भरा ट्रक जब्त; दो तस्कर गिरफ्तार

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। बसंतपुर थाना पुलिस ने एक ट्रक से करीब 11 क्विंटल गांजा बरामद करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह बलरामपुर जिले में अब तक पकड़ी गई सबसे बड़ी गांजा खेप मानी जा रही है।
उड़ीसा से उत्तरप्रदेश भेजी जा रही थी खेप
पुलिस जांच में सामने आया है कि गांजे की यह बड़ी खेप उड़ीसा के सोनपुर क्षेत्र से उत्तरप्रदेश ले जाई जा रही थी। तस्करों ने मादक पदार्थ को ट्रक के जरिए गंतव्य तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। हालांकि बसंतपुर पुलिस को पहले ही इसकी सूचना मिल गई, जिसके बाद तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई।

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भोर 3 बजे की गई घेराबंदी
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर गांजे का परिवहन कर रहे थे। पुलिस को मुखबिर से ट्रक के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद बसंतपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की। भोर करीब 3 बजे संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, जिसे देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
दो आरोपी दबोचे गए
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान उत्तरप्रदेश के सहारनपुर निवासी लौकेश और मुजफ्फरनगर निवासी आमिर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। इसके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
साइबर सेल की मदद से मिली सफलता
इस बड़ी कार्रवाई में बसंतपुर थाना पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। जांच का फोकस उन लोगों की पहचान करना है जो गांजे की खरीद, परिवहन और वितरण में शामिल हैं।
घंटों चली नाप-तौल और जब्ती की प्रक्रिया
ट्रक से बरामद गांजे की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसकी नाप-तौल और जब्ती की प्रक्रिया में पुलिस टीम को घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार गांजे का कुल वजन करीब 11 क्विंटल है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये बताई गई है।


एसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गांजा तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उड़ीसा से भेजी गई यह खेप उत्तरप्रदेश में किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। बरामद गांजे की मात्रा और उसकी कीमत को देखते हुए यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी जब्ती में से एक बताई जा रही है।

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