
बलरामपुर में गांजे से भरा ट्रक पकड़ा गया, करोड़ों की खेप बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार, जिले की सबसे बड़ी कार्रवाई होने की चर्चा
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बसंतपुर थाना पुलिस ने एक ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की मात्रा इतनी अधिक बताई जा रही है कि उसकी तौल और गणना का कार्य कई घंटों से जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह बलरामपुर जिले में अब तक पकड़ी गई सबसे बड़ी गांजा खेप हो सकती है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गांजे की यह खेप ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से उत्तरप्रदेश ले जाई जा रही थी। तस्कर ट्रक के जरिए अवैध रूप से मादक पदार्थ की सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, समय रहते मिली सूचना और पुलिस की सक्रियता के चलते उनके मंसूबों पर पानी फिर गया।

मुखबिर की सूचना पर बनाई गई रणनीति
बताया जा रहा है कि बसंतपुर थाना पुलिस को गांजा तस्करी की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम गठित कर निगरानी शुरू कर दी। संदिग्ध वाहन के संभावित मार्गों पर नजर रखी गई और देर रात से ही घेराबंदी की तैयारी कर ली गई।
पुलिस ने भोर करीब 3 बजे संदिग्ध ट्रक को रोकने के लिए विशेष कार्रवाई की। जैसे ही ट्रक निर्धारित स्थान पर पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे घेर लिया और वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
उत्तरप्रदेश के दो आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक में सवार दो लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उनकी पहचान उत्तरप्रदेश के सहारनपुर निवासी लौकेश और मुजफ्फरनगर निवासी आमिर के रूप में हुई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेप को उत्तरप्रदेश में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

साइबर सेल की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में बसंतपुर थाना पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम भी सक्रिय रूप से शामिल रही। साइबर सेल द्वारा जुटाए गए तकनीकी इनपुट और निगरानी के आधार पर पुलिस को तस्करों की गतिविधियों का सुराग मिला। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल, संपर्क सूत्रों और परिवहन नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
घंटों से जारी है गांजे की तौल
बरामद गांजे की मात्रा इतनी अधिक है कि उसकी तौल करने में पुलिस को काफी समय लग रहा है। पुलिस टीम लगातार जब्त मादक पदार्थ का वजन करने और उसका रिकॉर्ड तैयार करने में जुटी हुई है। गांजे की कुल मात्रा और उसकी अनुमानित बाजार कीमत का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।
हालांकि, प्रारंभिक आकलन के अनुसार जब्त गांजे की कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है। तौल और जांच पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा विस्तृत जानकारी सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।
जिले की सबसे बड़ी बरामदगी होने की संभावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक सामने आई जानकारी को देखते हुए यह बलरामपुर जिले में गांजे की सबसे बड़ी बरामदगी साबित हो सकती है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़े जाने के बाद पूरे जिले में इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच कई पहलुओं पर की जा रही है। तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इसमें शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।


