बलरामपुर

दिव्यांग जयसिंह को मिला स्मार्ट डिवाइस का सहारा, तकनीक का उपयोग कर आसानी से करेंगे पढ़ाई
“कलेक्टर की विशेष पहल से जयसिंह खुश जिला प्रशासन को माना अभिभावक के समान”

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

बीए फाइनल वर्ष में अध्ययनरत दृष्टिबाधित जयसिंह अब स्मार्ट डिवाइस की सहायता से असानी से पढ़ाई कर पायेंगे। कलेक्टर कुन्दन कुमार की पहल से जयसिंह को आज स्मार्ट फोन, स्कैनर, कीबोर्ड और राउटर मिल गया है। दरअसल राजपुर के बुढ़ाबगीचा के रहने वाले दृष्टिबाधित जयसिंह बडे़ ही प्रतिभावान छात्र हैं तथा वर्तमान में साईं बाबा कॉलेज अम्बिकापुर में बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। जयसिंह का ताल्लुक सामान्य कृषक परिवार से है तथा उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। किन्तु जयसिंह की पढ़ाई के प्रति अगाध रूचि होने से वे उच्च शिक्षा के लिए नियमित रूप से प्रशासन के सम्पर्क में रहे। जिसका परिणाम हुआ है कि जयसिंह अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के कगार पर हैं। जयसिंह आईएएस बनना चाहते हैं और उनका आत्मविश्वास उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में निश्चित ही मदद करेगा।

जयसिंह बताते है कि उन्हें हमेशा प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला और उन्होंने पिछले दिनों कलेक्टर कुन्दन कुमार से मुलाकात कर अपनी आवश्यकताओं से अवगत कराया था। जिस पर कलेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे शीघ्र ही उनकी पढ़ाई के लिए सहयोगी डिवाइस की व्यवस्था करेंगे तथा अपनी पढ़ाई को लेकर उन्हें चिंता मुक्त रहने को कहा। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार की विशेष पहल से आज जयसिंह को कुछ स्मार्ट डिवाइस प्रदाय किया गया, जो उनकी पढ़ाई में मददगार साबित होगा। दृष्टिबाधित छात्रों के लिए कुछ ऐसे उपकरण तैयार किए गए हैं जो दैनिक जीवन के साथ-साथ उनकी पढ़ाई के लिए भी बहुत उपयोगी होते हैं। जयसिंह को आज एक स्मार्ट स्केनर, स्मार्टफोन, राउटर तथा एक कीबोर्ड दिया गया, जिससे उनकी पढ़ाई आसान होगी।

स्मार्ट डिवाइस मिलने से जयसिंह न केवल खुश है बल्कि मुस्कुराते हुए उन्होंने बताया कि हमेशा की तरह प्रशासन अभिभावक के रूप में मेरे साथ खड़ा है। जब कोई जरूरत महसूस हुई या कोई व्यवधान आया है तो हमेशा मुझे सहयोग प्राप्त हुआ है, इससे पहले मुझे लैपटॉप भी मिल चुका है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग उपकरण योजना के माध्यम से दृष्टि बाधित छात्र स्मार्ट फोन व उपकरणों की मदद से पढ़ाई व अन्य जरूरी कार्य आसानी से कर सकते हैं, ऐसे में यह सहयोग उनके भावी जीवन के लिए काफी मददगार होगा। दिव्यांग बच्चों के लिए कृत्रिम अंग उपकरण योजना के तहत ऐसे उपकरण प्रदान किये जाते हैं जो उनके दैनिक जीवन को काफी आसान बनाता है।

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