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रामानुजगंज वन परिक्षेत्र मे छह हाथियों का दल विचरण

रामानुजगंज। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में इन दिनों एक लोनर सहित छह हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित गांवों में प्रतिदिन मुनादी कराकर ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, रात के समय अनावश्यक रूप से जंगल और खेतों की ओर नहीं जाने तथा किसी भी स्थिति में हाथियों को उकसाने का प्रयास नहीं करने की समझाइश दी जा रही है। विभाग की टीम लगातार गश्त कर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

जानकारी के अनुसार, कनकपुर-रामपुर के जंगल में पांच हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जबकि आरागाही-नवापारा क्षेत्र के जंगल में एक लोनर हाथी मौजूद है। वर्तमान में जंगल के भीतर हाथियों को पर्याप्त भोजन और पानी उपलब्ध होने के कारण वे अधिकांश समय वन क्षेत्र में ही रह रहे हैं। हालांकि, कई बार भोजन की तलाश में या रास्ता बदलने के दौरान हाथियों का दल गांवों की ओर पहुंच जाता है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन जाता है। ऐसे मामलों में हाथी मकानों को क्षति पहुंचाने के साथ-साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

वन विभाग के अनुसार, हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। विभागीय कर्मचारी दिन-रात जंगल और आसपास के गांवों में नजर बनाए हुए हैं। साथ ही ग्रामीणों से लगातार संपर्क कर उन्हें सतर्क रहने और किसी भी हाथी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की जा रही है।

दो मकान और एक राइस मिल को पहुंचा चुके हैं नुकसान

रामानुजगंज रेंजर दिलरुबा बानो ने बताया कि वन परिक्षेत्र में वर्तमान में कुल छह हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें तीन मादा, एक नर, एक शावक तथा एक लोनर हाथी शामिल है, जो आरागाही क्षेत्र के जंगल में घूम रहा है। उन्होंने बताया कि हाथियों ने अब तक दो मकानों और एक राइस मिल को नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम तैयार है।

मुनादी के माध्यम से दिया जा रहा सुरक्षा का संदेश

हाथी प्रभावित कनकपुर, आरागाही और आसपास के गांवों में वन विभाग प्रतिदिन मुनादी करवा रहा है। ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि हाथियों के करीब जाने, उनका वीडियो बनाने या उन्हें भगाने का प्रयास न करें। यदि हाथियों का दल गांव के आसपास दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। ग्रामीणों को समूह में रहने और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की भी सलाह दी जा रही है।

सीमावर्ती क्षेत्र होने से बना रहता है हाथियों का आवागमन

रामानुजगंज वन परिक्षेत्र झारखंड की सीमा से लगा हुआ है। कन्हर नदी के रास्ते झारखंड के जंगलों से हाथियों का दल वर्षभर इस क्षेत्र में आता-जाता रहता है। यही कारण है कि यहां मानव और हाथियों के बीच संघर्ष की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। वन विभाग का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से विभाग लगातार ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें हाथियों के व्यवहार, सुरक्षा उपायों और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले कदमों की जानकारी दे रहा है।

वन विभाग ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों को हल्के में न लें, अफवाहों से बचें और किसी भी सूचना के लिए सीधे वन विभाग से संपर्क करें। विभाग का प्रयास है कि हाथियों और ग्रामीणों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम किया जा सके।

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