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मिट्टी की नाली का मामला: कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच टीम गठित

बलरामपुर: मिट्टी की नाली पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान, निर्माण कार्य की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित

बलरामपुर, छत्तीसगढ़।
बलरामपुर जिले के चंदों थाना क्षेत्र अंतर्गत चटनिया से संभाग तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत सड़क एवं नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों  के अनुसार निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है, खासकर नाली निर्माण में जहां सीमेंट या कंक्रीट की जगह सिर्फ मिट्टी का प्रयोग किया गया है।


स्थानीय डिजिटल मीडिया पोर्टल khabar30.in ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया और निर्माण कार्य की तस्वीरें व वीडियो सार्वजनिक करते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। खबर में यह भी दावा किया गया कि मिट्टी से बनी नालियां पहली ही बारिश में बह जाने की आशंका है, जिससे न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी होगी बल्कि लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।



प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया:


जैसे ही यह मामला कलेक्टर श्री [कलेक्टर का नाम] के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्य की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए। कलेक्टर द्वारा एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें लोक निर्माण विभाग (PWD), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना PMGSY के अधिकारियों को शामिल किया गया है।

जांच समिति की जिम्मेदारी:

निर्माण स्थल का भौतिक निरीक्षण करना

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच

कार्य में उपयोग की गई तकनीक और मापदंडों की समीक्षा

संभावित कार्रवाई:
जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कार्य में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही कार्य की पुन: मरम्मत या पूर्ण रूप से नये सिरे से निर्माण का भी आदेश दिया जा सकता है।

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