छत्तीसगढ़मनेन्द्रगढ़

“डॉक्टर आपके द्वार” योजना एमसीबी जिले में फ्लॉप , 8 महीने से कबाड़ गाड़ियों के साथ खड़ी है एम्बुलेंस, जनजातीय परिवार को स्वास्थ्य सुविधा न मिलना दुर्भाग्य- कमरो…

मनेन्द्रगढ़ । जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा विस्तार के उद्देश से प्रदेश के चार जिलों कोंडागांव, सारंगढ़ , मोहला-मानपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में “डॉक्टर आपके द्वार” नाम से एक महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की गई थी .  अक्टूबर 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने सभी चार जिलों को एम्बुलेंस सहित जरूरत के सभी सामग्री भी मुहैया कराई गई थी । इस एम्बुलेंस में एक एमबीबीएस डॉक्टर, स्टाप नर्स, लैब टेक्नीशियन और ड्राइवर की नियुक्ति होनी थी . मगर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विधानसभा मनेन्द्रगढ़ में यह योजना दम तोड़ती हुई नजर आ रही है । हालात यह है कि नई एम्बुलेंस सिटी कोतवाली के कबाड़ वाली गाड़ियों के साथ आठ महीने से खड़ी है . और खुले आसमान में बारिश व धूप में कबाड़ होने के कगार में है . आज तक इस एम्बुलेंस गाड़ी का नंबर तक अपराप्त है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रो निवास कर रहे जनजातीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग कितना विफल है ।

गुलाब कमरो,पूर्व विधायक

जनजातीय परिवार को स्वास्थ्य सुविधा न मिलना दुर्भाग्य-कमरो

भरतपुर सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने एमसीबी जिले में “डॉक्टर आपके द्वार” योजना की शुरुआत न होने के पर कहा कि दुर्भाग्य है कि जिस विधानसभा के विधायक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हैं इसके बावजूद जिले के जनजातिय परिवार को स्वास्थ्य योजना की सुविधा नहीं मिल पा रही है । जिले में कई ऐसे वनांचल क्षेत्र हैं जहाँ के गरीब परिवार अस्पतालों तक पहुंच नहीं सकते . इस योजना के शुरू होने से उन ग्रामीण जनजातीय परिवार को स्वास्थ्य सुविधा मिल सकती थी . इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि सारी सुविधा होने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है ।

अब तक डॉक्टर की नहीं हुई नियुक्ति

इस संबंध में हमने संबंधित अधिकारियों से जानकारी चाहिये तो कैमरे के सामने जानकारी देने से बचते दिखे . नाम नहीं लिखने के शर्त पर बताया कि 31 अक्टूबर 2024 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के द्वारा चार जिलों को योजना के तहत एम्बुलेंस प्राप्त हुआ था . जिसमे एक एमसीबी जिला भी शामिल है . एम्बुलेंस के साथ सभी जरूरी के सामग्री के साथ एक पत्र भी प्राप्त है जिसके तहत प्रति माह वाहन के देखरेख सहित अन्य खर्च के लिए राशि देने की बात कही गयी है । एम्बुलेंस के लिए ड्राइवर की भर्ती कर ली गई है . एक लैब टेक्नीशियन की भर्ती भी हुई थी मगर लैब टेक्नीशियन ने इस्तीफा दे दिया है . यहीं एमबीबीएस डॉक्टर के के लिए विज्ञापन निकाला गया था मगर किसी डॉक्टर ने फॉर्म ही नहीं भरा है . इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग फिर से विज्ञापन निकालने की तैयारी में है . वहीं लैब टेक्नीशियन के लिए प्रतीक्षा सूची की जांच की जा रही है . वहीं अब तक एम्बुलेंस गाड़ी का आज तक नंबर अपराप्त होना कई सवाल खड़ा करता है । अब देखना होगा कि एमसीबी जिले के वनांचल क्षेत्र के जनजातिय परिवार को इस योजना का लाभ कब तक मिल पाता है ।

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