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भूपेश बघेल के घर ED की रेड, 32 लाख नकद, पेनड्राइव और दस्तावेज जब्त

छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके करीबियों के 14 ठिकानों पर छापा

दुर्ग और भिलाई में तड़के 7 बजे से ED की रेड, 10 घंटे तक चली जांच

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल और उनके करीबियों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई शराब घोटाला, कोल लेवी घोटाले और महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के तहत की गई।

रायपुर से ED की 30 गाड़ियों का काफिला सुबह 7 बजे दुर्ग और भिलाई पहुंचा। बघेल के आवास के साथ-साथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू, रियल एस्टेट कारोबारियों, राइस मिलर्स, सर्राफा व्यापारियों और होटल व्यवसायियों के ठिकानों पर भी जांच हुई।



बघेल के घर से ED को क्या मिला?

भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ED ने उनके घर का कोना-कोना छान मारा, लेकिन मुख्य रूप से तीन चीजें जब्त कीं:

1. मंतूराम पवार और डॉ. पुनीत गुप्ता (पूर्व सीएम रमन सिंह के दामाद) के बीच करोड़ों के लेनदेन की बातचीत की पेनड्राइव


2. डॉ. रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह की शेल कंपनी के दस्तावेज


3. संयुक्त परिवार के पास मौजूद कुल 32 लाख रुपये नकद, जिसमें खेती, डेयरी और स्त्रीधन का पैसा शामिल



भूपेश बघेल ने कहा कि ED उनके घर से कुछ भी गैरकानूनी नहीं निकाल पाई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्रवाई हो रही थी तो ED के अधिकारी कोई ECIR (Enforcement Case Information Report) नंबर नहीं बता पाए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध, विधानसभा में हंगामा

ED की इस छापेमारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के निवास के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और आगामी चुनावों से पहले विरोधियों को दबाने का प्रयास है। विधानसभा में हंगामे के चलते कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

ED का दावा है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपये से अधिक का शराब घोटाला हुआ, जिसमें कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल थे। इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और ED अब इस जांच को आगे बढ़ा रही है।

ED का यह भी कहना है कि इस घोटाले से जुड़े कई लोगों की 205 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही जब्त की जा चुकी है।

भूपेश बघेल का पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED की इस कार्रवाई को भाजपा की साजिश बताया। उन्होंने कहा,
“जिन केसों को अदालत ने खारिज कर दिया, उन्हें ED अबरू फिर से खोल रही है। यह सब मुझे फंसाने की चाल है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।”

राजनीतिक संग्राम और आगे की रणनीति

छत्तीसगढ़ में ED की इस कार्रवाई ने राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। कांग्रेस इसे भाजपा सरकार की प्रतिशोध की राजनीति बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं।

इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा। ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

हेडिंग:

छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई: पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत 14 ठिकानों पर छापेमारी

हेडलाइंस:

1. भूपेश बघेल के घर ED की रेड, 32 लाख नकद, पेनड्राइव और दस्तावेज जब्त


2. शराब घोटाला, कोल लेवी और सट्टा ऐप केस में ED ने की छापेमारी


3. दुर्ग-भिलाई में ED का एक्शन, कांग्रेस नेताओं और व्यापारियों के ठिकानों पर रेड


4. भूपेश बघेल बोले – ‘ED का आना विधानसभा में सवाल पूछने जैसा’


5. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन, पुलिस से झड़प, विधानसभा में हंगामा


6. ED ने मांगा ECIR नंबर, अधिकारी नहीं दे सके जवाब – बघेल का बड़ा बयान


7. छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ के शराब घोटाले की जांच तेज, ED ने जब्त की करोड़ों की संपत्ति


8. भूपेश बघेल का पलटवार – ‘भाजपा की साजिश, हम डरने वाले नहीं’


9. ED की कार्रवाई पर सियासी घमासान, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज


10. शराब घोटाले में नया मोड़, ED ने कई नेताओं और कारोबारियों के ठिकानों पर मारी रेड



अगर आपको किसी खास एंगल से हेडलाइन चाहिए तो बता सकते हैं!

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