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फर्जी रजिस्ट्री कांड: रायपुर में होटल कारोबारी और बीजेपी नेता के खिलाफ एफआईआर

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

मृत महिला को ‘जिंदा’ दिखाकर की गई जमीन की रजिस्ट्री: रायपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा, होटल कारोबारी और बीजेपी नेता समेत कई पर केस दर्ज

रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत महिला को जीवित दिखाने, उसकी जगह फर्जी महिला से रजिस्ट्री कराने और असली भू-स्वामियों को धमकाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवागन की शिकायत पर शहर के नामी होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा, बीजेपी तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी सहित छह अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी की धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

            मृत महिला के नाम से की गई रजिस्ट्री

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने चमारिन बाई नामक महिला, जिसकी मृत्यु वर्ष 1980 में हो चुकी थी, को कागजों में “जिंदा” दिखाते हुए उसकी जगह किसी अन्य महिला को मुख्तियारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) बनाकर वर्ष 1999 में जमीन की रजिस्ट्री कराई।
इस तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई प्लॉटों की बिक्री की गई और वर्षों तक इन्हीं कागज़ों को आधार बनाकर असली मालिकों को अपनी ज़मीन पर कब्जा या निर्माण करने से रोका गया।

   आरोपियों में कारोबारी और बीजेपी पदाधिकारी शामिल

रिटायर्ड शिक्षक देवागन ने अपनी शिकायत में बताया कि गुरुचरण सिंह होरा ने अपने रिश्तेदारों रंजीत सिंह, मंजीत सिंह, इंदरपाल सिंह, हरपाल सिंह, अविनाश सिंह और साथी दलविंदर सिंह बेदी के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा रचा।
इन सभी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जी दस्तावेज बनाना), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग), 506 (धमकी) और 34 (साझा आपराधिक कृत्य) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेज़ों की जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित ज़मीनों के रजिस्ट्री रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेशों की भी समीक्षा की जा रही है।

        न्यायालय ने रजिस्ट्री को पहले ही अवैध बताया था

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि अदालत पहले ही इन रजिस्ट्रियों को अवैध और शून्य घोषित कर चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने बार-बार जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।
जब असली भू-स्वामियों ने अपने प्लॉट पर निर्माण शुरू किया, तो कथित तौर पर होरा गिरोह ने वहां पहुंचकर पथराव किया, निर्माण सामग्री फेंकवाई और धमकी दी कि — “यह जमीन गुरुचरण भैया की है।”

     कारोबारी पर पहले भी लग चुके हैं फर्जीवाड़े के आरोप

गुरुचरण सिंह होरा का नाम इससे पहले भी भूमि और दस्तावेज़ों से जुड़ी कथित हेराफेरी के मामलों में सामने आ चुका है। शहर में होटल व्यवसाय के साथ वह रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़ा बताया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गिरोह ने बीते वर्षों में कई विवादित जमीनों पर कब्जे की कोशिश की और कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें भी कीं।

      पीड़ित पक्ष ने न्याय और सुरक्षा की मांग की

पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक देवागन और अन्य प्लॉट मालिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि वे पुनः कब्जा या धमकी जैसी हरकतें न कर सकें।
पुलिस का कहना है कि शिकायत गंभीर है और दस्तावेज़ों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता चल सके कि किन स्तरों पर फर्जी रजिस्ट्री को वैध ठहराने की कोशिश हुई थी।


              (संभावित अगला कदम)

मामले की जांच रायपुर पुलिस की विशेष टीम को सौंपी जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, यदि सरकारी कर्मचारियों या रजिस्ट्री कार्यालय के किसी व्यक्ति की भूमिका पाई गई तो उनके खिलाफ भी विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

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