त्रिकुंडा पंचायत में सीसी रोड निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिकुंडा में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनाने का कार्य किस ठेकेदार को दिया गया है, यह जानकारी किसी को नहीं है। विभाग का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के निर्माण की लागत कितनी है, दूरी कितनी स्वीकृत है, कितने लेयर बनाए जाने हैं और किस मटेरियल का उपयोग होना है, इन सभी बातों की जानकारी पूरी तरह छिपाई गई है। यहां तक कि पंचायत के सरपंच तक को भी इस परियोजना का विवरण नहीं बताया गया है।
सड़क का काम अभी आधा किलोमीटर से अधिक हो चुका है, लेकिन ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क में 30,20 एमएम की गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है और निर्माण इतना कमजोर है कि कई जगहों पर दर्रा ओर धूल उड़ते दिखाई देने लगी हैं। सड़क पर धूल उड़ने से लोगों को परेशानी हो रही है।
हम ने जब अधिकारी ओर ग्रामीण से पूछ ताछ यह सामने आय कि यह सड़क मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत बनाई जा रही है और इसका संचालन PMJSY कार्यालय से हो रहा है। इसके बावजूद ग्रामीणों का दावा है कि विभाग का कोई अधिकारी अब तक निर्माण स्थल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। न गुणवत्ता जांच की गई और न किसी स्तर पर निगरानी दिखी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण शुरू होने से लेकर अब तक कोई भी अधिकारी काम की समीक्षा करने नहीं आया। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बिना पारदर्शिता और बिना निरीक्षण के चल रहा निर्माण भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है।
ग्रामीणों की शिकायतों के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।




