अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर पुरानडीह पंचायत में श्रमिकों का सम्मान, सरपंच अनिता देवी ने किया विकास का संकल्प

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरानडीह में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नव निर्वाचित सरपंच अनिता देवी के नेतृत्व में पंचायत क्षेत्र के सभी पुरुष मजदूरों को अंगवस्त्र और महिला मजदूरों को साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।
मजदूर दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Labour Day) हर वर्ष 1 मई को दुनियाभर में श्रमिकों और मजदूरों के अधिकारों, योगदान और संघर्षों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसका आरंभ 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर से हुआ, जहाँ मजदूर 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे अपने लिए समय की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी आंदोलन के दौरान कई मजदूरों की जान गई, जिसे श्रमिकों के बलिदान के रूप में याद किया जाता है।

भारत में मजदूर दिवस पहली बार 1923 में चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में मनाया गया था। इसका श्रेय ‘लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान’ को जाता है। तब से लेकर आज तक यह दिन मजदूरों की एकजुटता और अधिकारों की याद में मनाया जाता है।
सरपंच अनिता देवी का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए सरपंच अनिता देवी ने कहा कि किसी भी पंचायत या देश के विकास में मजदूर नींव के पत्थर के समान होते हैं। उनका सम्मान करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “मैं पंचायत की निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में यह वादा करती हूँ कि आने वाले समय में पंचायत के प्रत्येक मजदूर को सम्मानपूर्वक उनका अधिकार दिलाया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि वे मजदूरों के लिए विशेष योजनाएँ चलाएँगी और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की सभी लाभकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीणजन और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से न केवल मजदूरों को सम्मानित किया गया, बल्कि पंचायत में उनके प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को भी मजबूती मिली।



