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शिक्षक मानसरोवर सिंह को मिला नवाचारी शिक्षा रत्न अवार्ड

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

मानसरोवर सिंह को मिला राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान 2024-25 SCERT रायपुर में हुआ भव्य कार्यक्रम का आयोजन

रामानुजगंज। नवाचारी गतिविधियां समूह भारत—a देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ा हुआ एकमात्र एवं सबसे बड़ा स्व-प्रेरित नवाचारी शिक्षक समूह—की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह शैक्षिक संप्रवाह 2024-25 का आयोजन दिनांक 29 मई 2025 को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर में किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए कुल 155 शिक्षकों/शिक्षिकाओं को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में जे.पी. रथ (अपर संचालक, SCERT), डॉ. बी. रघु (सहायक संचालक, SCERT), बी.एल. देवांगन (प्राचार्य, DIET रायपुर), डॉ. एस.के. जैन और के.के. साहू (DIET रायपुर) उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, समूह प्रमुख संजीव कुमार सूर्यवंशी तथा छत्तीसगढ़ नवाचार एडमिन टीम के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल रहे।

इस गरिमामयी अवसर पर विकासखंड रामचन्द्रपुर के शिक्षक मानसरोवर सिंह (प्रधान पाठक, प्रा. शाला सेन्दूरपारा-महावीरगंज, संकुल कनकपुर) को उनके नवाचारी कार्यों के लिए राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान प्रमाण पत्र, मोमेंटो और पेन के रूप में प्रदान किया गया।

चयन प्रक्रिया रही पारदर्शी और बहुस्तरीय

समूह प्रमुख व जिला टीम के अनुसार, यह कार्यक्रम मूलतः वर्ष 2024 में आयोजित होना था, लेकिन स्थानीय चुनावों के चलते इसे स्थगित कर 2025 में संपन्न किया गया। पुरस्कार चयन की प्रक्रिया बहुस्तरीय एवं पारदर्शी रही।

पहले चरण में वेबसाइट के माध्यम से देशभर से 7000+ नॉमिनेशन प्राप्त हुए।

तत्पश्चात स्कूटनी एवं शॉर्टलिस्टिंग कर चयन समिति द्वारा शिक्षकों का साक्षात्कार लिया गया।उम्मीदवारों से उनके नवाचार कार्यों के प्रमाण स्वरूप दस्तावेज भी मांगे गए।अंतिम चयन उच्च स्तरीय समिति एवं जिला टीम द्वारा दस्तावेजों के प्रमाणीकरण के बाद किया गया।


इस चयन प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर नवाचार करने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी गई और उन्हें राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान 2024-25 प्रदान किया गया।

बलरामपुर जिले की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम की सफलता में बलरामपुर जिले से जुड़े सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की विशेष भूमिका रही, जो वर्ष 2017 से सतत नवाचार की दिशा में कार्य कर रहे हैं। पिछले चार वर्षों से यह आयोजन लगातार किया जा रहा है, जिसकी योजना, क्रियान्वयन, संचालन एवं समस्त व्यय शिक्षकों द्वारा स्वयं वहन किया जाता है।


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