बलरामपुर में कांग्रेस की दोहरी सूची से हड़कंप: आखिर हटाए क्यों गए जसवंत सिंह

बलरामपुर। किसान कांग्रेस की जिला इकाई में अचानक हुई फेरबदल ने कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला दिया है। प्रदेश किसान कांग्रेस ने दूसरे लेटर हेड से नया आदेश जारी करते हुए राजीव तिर्की को बलरामपुर जिला किसान कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। यह फैसला इसलिए ज्यादा विवादास्पद हो गया है क्योंकि कुछ ही दिन पहले जारी आधिकारिक सूची में यही पद जसवंत सिंह को दिया गया था। अब दो अलग-अलग आदेशों के बीच पार्टी का संगठनात्मक अनुशासन और पारदर्शिता गंभीर सवालों में है।

नए आदेश में दावा किया गया है कि राजीव तिर्की किसानों की समस्याओं पर बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे। लेकिन जिले में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि अगर पार्टी को यही करना था तो कुछ दिन पहले जारी पहली सूची का क्या औचित्य था। क्या राज्य नेतृत्व के भीतर संवाद की कमी है, या किसान विंग में अंदरूनी खींचतान हावी है। लगातार उलटफेर ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस अपने ही आदेशों को लेकर आश्वस्त नहीं दिख रही।
राजीव तिर्की किसान परिवार से आते हैं और सेना में कठिनतम क्षेत्रों में सेवा दे चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद वे कांग्रेस से जुड़े और किसानों के मुद्दे उठाते रहे। उनके अनुभव पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल नियुक्ति के तरीके को लेकर है।

विवाद इसलिए भी गहरा रहा है क्योंकि जसवंत सिंह पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह के नजदीकी और रिश्तेदार माने जाते हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या यही वजह बनी कि उन्हें पद से हटाया गया। या फिर बृहस्पति सिंह के नए राजनीतिक मोर्चे की अटकलों ने पार्टी के भीतर नाराजगी पैदा की और इसका सीधा असर जसवंत सिंह पर पड़ा। इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं, लेकिन फेरबदल ने पार्टी की नीयत पर शक जरूर खड़ा कर दिया है।
पहले आदेश में बस्तर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़ के जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां साफ तरीके से घोषित की गई थीं। इसके तुरंत बाद दूसरे आदेश का आ जाना यह संकेत देता है कि किसान कांग्रेस की कार्यशैली खुद उसके नेतृत्व के नियंत्रण में नहीं दिख रही।
जसवंत सिंह को हटाए जाने के बाद पार्टी की मंशा और दिशा दोनों पर सवाल खड़े हैं। अब सबकी निगाह इस बात पर है कि कांग्रेस इस विवाद से उबर पाती है या किसान कांग्रेस का यह उथलपुथल आगे और बड़ा रूप लेता है।




