रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्थानांतरण पर टीएस सिंहदेव का हमला, बोले– भाजपा जनता की स्वास्थ्य से कर रही खिलवाड़

रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्थानांतरण का मुद्दा गरमाया,टीएस सिंहदेव ने भाजपा सरकार पर लगाया स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप
रामानुजगंज।
छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सरगुजा महराज टी.एस. सिंहदेव ने रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सनवाल स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज़ादी से पहले स्थापित यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि रामानुजगंज और आसपास के सैकड़ों गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में इसे कमजोर या स्थानांतरित करने का फैसला पूरी तरह जनविरोधी और अव्यवहारिक है।
दो दिवसीय बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के दौरे पर पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने शुक्रवार सुबह रामानुजगंज स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामानुजगंज में 100 बिस्तरों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है, लेकिन भाजपा शासनकाल में यहां डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है। कई पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, आवश्यक जांच सुविधाएं सीमित हैं और दवाइयों की नियमित उपलब्धता नहीं हो पा रही है।

सिंहदेव ने कहा, “सिर्फ अस्पताल की इमारत और बिस्तर होने से इलाज संभव नहीं है। इलाज के लिए डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयां और जांच की सुविधाएं जरूरी होती हैं। जब ये सब नहीं होंगी, तो अस्पताल कागजों में ही 100 बिस्तरों का रह जाएगा।” उन्होंने बताया कि इन कमियों के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है या फिर अंबिकापुर, बलरामपुर और अन्य दूरस्थ जिलों का रुख करना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय एक पुराने और स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सनवाल स्थानांतरित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सनवाल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा की आवश्यकता थी, तो वहां अलग से नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या उप स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाना चाहिए था। रामानुजगंज के ऐतिहासिक अस्पताल को स्थानांतरित करना न तो तर्कसंगत है और न ही जनता के हित में है।
सिंहदेव ने यह भी कहा कि रामानुजगंज और आसपास के सैकड़ों गांवों की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। डॉक्टरों की कमी और संसाधनों के अभाव में सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, आदिवासी, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को हो रहा है। समय पर इलाज न मिलने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति भाजपा सरकार की कथित जनहितैषी नीतियों की असलियत को उजागर करती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टी.एस. सिंहदेव ने रामानुजगंज एनीकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शहर का गंदा और दूषित पानी एनीकट में पहुंच रहा है और वही पानी नगर क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा है। यह स्थिति आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले में तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इससे पहले गुरुवार देर शाम रामानुजगंज पहुंचने पर लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टी.एस. सिंहदेव का आतिशबाजी और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की नीतियों का जवाब है। सिंहदेव ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर यादव, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव प्रतीक सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अजय सोनी, महामंत्री अजय गुप्ता, ब्लॉक अध्यक्ष मधु गुप्ता, किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विकास दुबे, वरिष्ठ नेता मनोज दुबे, अशोक जायसवाल, अशोक गोड़, विकास गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।


