रामानुजगंज में कांग्रेस का अगला चेहरा कौन ?

रामानुजगंज नगर पालिका परिषद चुनाव: कांग्रेस और भाजपा में कड़ा मुकाबला, पिछड़ा वर्ग बना चर्चा का केंद्र
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। 18 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा, जिसके बाद आचार संहिता लागू होने और चुनावी प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूर्ण होने की संभावना है। रामानुजगंज, जो पहली बार नगर पंचायत से नगर पालिका परिषद के रूप में चुनाव में उतरेगा, राज्य की सियासत में चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया है।
दोनों प्रमुख पार्टियाँ, कांग्रेस और भाजपा, अपने-अपने प्रत्याशी चयन में जुटी हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव न केवल ओबीसी और महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोर देने का अवसर है, बल्कि पिछली गलतियों को सुधारकर जनसमर्थन को बढ़ाने का भी।
रामानुजगंज में कांग्रेस की तैयारियाँ
कांग्रेस पार्टी ने अपने नगरीय निकाय चुनाव अभियान को धार देने के लिए कई रणनीतियाँ बनाई हैं। पार्टी ने पर्यवेक्षकों और प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया जोरों पर है। रामानुजगंज विधानसभा के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह की भूमिका इस चुनाव में अहम मानी जा रही है। बृहस्पति सिंह की पकड़ क्षेत्र के मतदाताओं और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत मानी जाती है।
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही प्रत्याशी का चयन करना है। ओबीसी वर्ग के नेताओं के बीच टिकट के लिए खींचतान जारी है।
कांग्रेस के संभावित दावेदार

1.मधु गुप्ता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व नगर पालिका के अध्यक्ष कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता की बहू जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय गुप्ता की पत्नी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस में अपनी मजबूत पैठ रखते हैं सरगुजा पैलेस के नजदीकी मधु गुप्ता की भी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं का मानना है कि कांग्रेस पार्टी से चुनाव में परिवार को सबसे ज्यादा मौका मिला है लगातार अध्यक्ष और संगठन के मुख्य पदों पर उनके परिवार के लोग बैठते रहे हैं।
2. संतोष गुप्ता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रहे नगर पालिका के वर्तमान पार्षद संतोष गुप्ता की भी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है उनके समाज में उनकी मजबूत पकड़ और बड़े व्यापारी व्यवसाय के कारण कांग्रेस पार्टी उनको अध्यक्ष के रूप में उतार सकती है संतोष गुप्ता पिछड़ा वर्ग से भी आते हैं।

3. ज्ञानती गुप्ता
कांग्रेस की वरिष्ठ और दमदार महिला नेत्री रही ज्ञानती गुप्ता पूर्व महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष रही है विपक्ष में कांग्रेस पार्टी के लिए काफी मजबूती से काम की है 2009 में कांग्रेस की नगर पंचायत चुनाव और 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है रामानुजगंज नगर की महिलाओं में इनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जा रही है कांग्रेस की तरफ से सबसे प्रमुख और सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही है 2014 के नगर पंचायत चुनाव में पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव में भी किस्मत आजमा चुकी है 2018 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में वापसी कर पुनः कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित रूप से काम भी कर रही हैं

4. अजय सोनी
कांग्रेस पार्टी के सबसे पुराने परिवार से आने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कांग्रेस कमेटी के जिला उपाध्यक्ष और कई बार के वार्ड क्रमांक 12 से पार्षद रहे 2014 नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अजय सोनी की भी दावेदारी काफी प्रबल मानी जाती है हालांकि कांग्रेस के अंदर भीतरघात होने के कारण उनकी हार हुई थी अजय सोनी की छवि एक अच्छे और कर्मठ समाजसेवी नेता के रूप में मानी जाती है अजय सोनी के चुनाव लड़ने की चर्चा पर शहर के कई वरिष्ठ और युवा नेता उनके समर्थन में आने के लिए तैयार हैं।

5. प्रतीक सिंह (हैप्पी)
नगर के साधारण परिवार से शिक्षा विभाग में पदस्थ स्वर्गीय संतोष सिंह के पुत्र एवं पूर्व नगर पंचायत प्रथम महिला अध्यक्ष रही वैजयंती सिंह एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विपिन बिहारी सिंह के भांजे जिनका कांग्रेस में काफी अच्छी पकड़ है , सरगुजा पैलेस में टी एस सिंह देव और आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव से उनकी काफी नजदीकी है । रामानुजगंज के साथ-साथ सरगुजा संभाग में कांग्रेस के युवा संगठन में सबसे दमदार और बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रथम युवा नेता जिसने प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं और वर्तमान में एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव के पद पर और तेलंगाना जैसे मुख्य राज्य के प्रभारी हैं। प्रतीक सिंह वार्ड क्रमांक 4 के पूर्व पार्षद और सबसे कम उम्र के युवा पार्षद बनने का छत्तीसगढ़ में इतिहास बनाए थे पिछले नगर पंचायत चुनाव में महिला सीट होने की वजह से प्रतीक सिंह वार्ड नंबर 14 से किस्मत अजमाया था जहां लगातार तीन बार से कांग्रेस का हार 300 से ज्यादा वोटो से होता रहा वहीं प्रतीक सिंह 14 वोटो के अंतर से पीछे रह गए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ अजय तिर्की के पक्ष में खुलकर काम किया था वहीं कई कांग्रेसी पीछे हट गए थे । शहर के युवाओं और वरिष्ठ जनों में इनका नाम काफी चर्चा में है

6. अशोक जायसवाल
राधेश्याम जयसवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे की बड़े सुपुत्र हैं और उनकी राजनीति पकड़ है लगातार कई वर्षों से कांग्रेस के तरफ से 8 वार्ड का नेतृत्व कर रहे और इस वार्ड से हमेशा से जीते रहे हैं, अशोक जायसवाल वार्ड क्रमांक 7 से 2014 के नगरी निकाय चुनाव में भाग्य आजमा रहे थे तो शैलेश गुप्ता भाजपा से 100 मतों से पराजय का मुंह देखना पड़ा था छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार थी तब स्थानीय विधायक और क्षेत्र के तेज तर्रार नेता बृहस्पत सिंह के बहुत करीबी माने जाते हैं। नगरी निकाय मेंअध्यक्ष किसी किसी भी पार्टी की रहे इनका दबदबा नगरी निकाय रामानुजगंज में हमेशा रहा है
चुनावी चुनौती और कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस पार्टी को क्षेत्रीय नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। उम्मीदवारों की लंबी सूची और दावेदारों की संख्या को देखते हुए पार्टी को किसी भी वर्ग को नज़रअंदाज किए बिना प्रत्याशी का चयन करना होगा।
ओबीसी और महिला आरक्षण, दोनों प्रमुख मुद्दे हैं, जिन पर कांग्रेस का फोकस रहेगा। कांग्रेस को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर वर्ग का समर्थन हासिल करने के लिए एक ऐसा चेहरा चुना जाए, जो विकास के मुद्दों पर वोटरों का विश्वास जीत सके।
चुनाव में आगे का परिदृश्य
रामानुजगंज नगर पालिका का यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है, बल्कि क्षेत्र के विकास की दिशा तय करेगा। जनता इस बार जातीय समीकरण से अधिक प्रत्याशियों की छवि, अनुभव और सक्रियता को प्राथमिकता दे रही है।
चुनाव की अधिसूचना जारी होने और प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बाद मुकाबला और दिलचस्प होगा। कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद है।



