पिकअप के नीचे बना था गुप्त चेंबर, 109 किलो गांजे के साथ बक्सर का तस्कर गिरफ्तार
गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जा रहे थे गांजा, बलरामपुर पुलिस ने 109.235 किलो गांजा पकड़ा

पिकअप के गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जा रहे थे 109 किलो गांजा, बलरामपुर पुलिस ने दबोचा
उड़ीसा से बिहार जा रही थी गांजे की बड़ी खेप, 100 पैकेट बरामद; 50 लाख रुपये से अधिक का माल जब्त, बक्सर का युवक गिरफ्तार
बलरामपुर। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रास्ते बिहार ले जाई जा रही गांजे की बड़ी खेप को पुलिस ने पकड़ा है। तस्करों ने पुलिस की नजर से बचाने के लिए गांजे को सामान्य तरीके से वाहन में रखने के बजाय बोलेरो पिकअप के डाले के नीचे बाकायदा गुप्त चेंबर बनाकर उसमें छिपाया था। बलरामपुर कोतवाली पुलिस ने संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी ली तो इस गुप्त चेंबर का खुलासा हुआ। चेंबर से गांजे के 100 पैकेट बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 109.235 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई है।
इस मामले में पुलिस ने बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले 29 वर्षीय युवक योगीराज पिता ऐशन शाह को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से गांजे की खेप के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक JH10AQ5144 भी जब्त किया गया है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली बलरामपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
कई दिनों से तस्करी की सूचना पर पुलिस की नजर
पुलिस के मुताबिक बलरामपुर जिले से होकर उड़ीसा से बिहार की ओर बड़ी मात्रा में गांजा परिवहन किए जाने की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं। इसी को देखते हुए कोतवाली पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।
पुलिस पुराने एनडीपीएस मामलों से जुड़े आरोपियों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही थी। इसके लिए तकनीकी जानकारी, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य माध्यमों से संदिग्धों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी। पुलिस को पिछले चार-पांच दिनों से उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप बिहार ले जाने की तैयारी से जुड़ी जानकारी मिलने की बात कही गई है।
इस सूचना के आधार पर पुलिस ने गांजा तस्करों के संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी थी। स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था, ताकि संदिग्ध वाहनों की आवाजाही के संबंध में तत्काल जानकारी मिल सके।
मध्यरात्रि में मिली पिकअप की सूचना
पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर की मध्यरात्रि मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की बोलेरो पिकअप में बड़ी मात्रा में गांजा उड़ीसा से बिहार की ओर ले जाया जा रहा है। वाहन के बलरामपुर थाना क्षेत्र से होकर गुजरने की संभावना थी।
मुखबिर की सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और संभावित मार्ग पर मोबाइल चेक पोस्ट (एमसीपी) लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
इसी दौरान अंबिकापुर की ओर से सफेद रंग की संदिग्ध बोलेरो पिकअप आती दिखाई दी। वाहन का नंबर मुखबिर द्वारा बताए गए नंबर JH10AQ5144 से मेल खा रहा था। पुलिस टीम ने सावधानीपूर्वक वाहन को रुकवाया और चालक से पूछताछ के बाद वाहन की तलाशी शुरू की।
डाले के नीचे बना था बॉक्सनुमा गुप्त चेंबर
पुलिस की प्रारंभिक तलाशी में वाहन के डाले के नीचे कुछ असामान्य होने का संदेह हुआ। पुलिस के मुताबिक पिकअप के डाले के नीचे बॉक्सनुमा गुप्त चेंबर तैयार किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने वाहन के डाले को ऊपर से उठवाकर अलग किया। जैसे ही नीचे बनाए गए चेंबर की तलाशी ली गई, उसके भीतर बड़ी संख्या में पैकेट दिखाई दिए। जांच करने पर इन पैकेटों में गांजा भरा हुआ मिला।
पुलिस ने मौके पर सभी पैकेटों को बाहर निकलवाया। कुल 100 पैकेट बरामद किए गए। मौके पर वजन करने पर इनका कुल वजन 109.235 किलोग्राम निकला। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक है।
इस तरह वाहन के सामान्य हिस्से में गांजा रखने के बजाय उसे डाले के नीचे विशेष रूप से बनाए गए चेंबर में छिपाकर ले जाने की कोशिश की गई थी।

बक्सर का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने वाहन चालक की पहचान योगीराज पिता ऐशन शाह, उम्र 29 वर्ष के रूप में की है। आरोपी ग्राम कतिकनार, वार्ड क्रमांक 5, थाना नवानगर, जिला बक्सर, बिहार का निवासी बताया गया है।
पुलिस ने गांजे के सभी पैकेटों और तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप को विधिवत जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली बलरामपुर में अपराध क्रमांक 167/2026 दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(2)(ग) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच
पुलिस की कार्रवाई फिलहाल केवल वाहन चालक की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस अब गांजे की इस खेप से जुड़े दूसरे लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा उड़ीसा में कहां से लोड किया गया था, इसे बिहार में किस स्थान तक पहुंचाया जाना था और इस तस्करी नेटवर्क में वाहन चालक के अलावा कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है और उनकी भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उड़ीसा से बिहार की ओर जाने वाले मादक पदार्थों के परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए बलरामपुर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल गांजा बरामद करना नहीं, बल्कि तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करना है।
इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस द्वारा पुराने एनडीपीएस मामलों से जुड़े आरोपियों की गतिविधियों, तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र के आधार पर निगरानी की जा रही थी। इसी निगरानी के दौरान पिकअप में गांजे की इस बड़ी खेप की जानकारी पुलिस तक पहुंची और वाहन को रोककर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
बलरामपुर पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी के निर्देशन में की गई।
पुलिस अब मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मामले की जांच जारी है।



