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वनमाली सृजन पीठ का राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल में सम्पन्न, देश के 200 सृजन केंद्रों ने सम्मेलन में लिया हिस्सा, छत्तीसगढ़ वनमाली सृजन पीठ कोरिया को उत्कृष्ट सृजन केंद्र का सम्मान…

कोरिया। रविंद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल के शारदा सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमें देश के दिल्ली, झारखंड, बिहार ,उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश भोपाल, एवं खंडवा के वनमाली सृजन पीठ के लगभग 200 सृजन केंद्रों से साहित्य, संस्कृति एवं सृजनकर्ताओं ने अपनी भागीदारी प्रस्तुत की.
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ वनमाली सृजन पीठ कोरिया को श्रेष्ठ वैचारिक एवं साहित्यिक परिचचर्चाओं के आयोजन एवं आंचलिक धरोहरों को रेखांकित करने की उपलब्धियों के लिए उत्कृष्ट सृजन केंद्र का सम्मान प्रदान किया गया. मुख्य अतिथि वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय संतोष चौबे (कुलपति रविंद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल) के साथ छत्तीसगढ़ वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष डॉक्टर सतीश जयसवाल द्वारा कोरिया वनमाली सृजन केंद्र के संयोजक वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष श्री योगेश गुप्ता बैकुंठपुर एवं गौरव अग्रवाल को उत्कृष्ट सृजन केंद्र की ट्रॉफी प्रदान की गई. मंचासीन विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ कहानीकार मुकेश वर्मा ,साहित्यकार शरद जैन, दिल्ली से लीलाधर मंडलोई, बलराम गुमास्ता, विश्वरंग आयोजक शिशिर मुखर्जी , डॉ विनीता चौबे डॉ आदित्य चतुर्वेदी, वैशाली बिहार से डॉक्टर विमल शर्मा ,झारखंड से डॉक्टर मनोहर बाथम ,ने कोरिया केंद्र की इस उपलब्धि के लिए तालियां बजाकर बधाई दी .

आपको बता दें वनमाली सृजन केंद्र कोरिया वर्ष 2019 से 60 से भी अधिक सृजनकर्ता और साहित्यिक ,सांस्कृतिक रचनाधर्मियों का ऐसा समूह है जो शोध, अन्वेषण, अध्ययन तथा लेखन के प्रयासरत सृजनशील प्रतिभाओं को चिन्हित करने और अभिव्यक्ति के यथासंभव अवसर उपलब्ध कराने का कार्य करती है. करोना काल के विषम परिस्थितियों में भी “विश्व पृथ्वी दिवस” पर पृथ्वी को बचाने हेतु राष्ट्रीय परिचर्चा “हिंदी दिवस” पर जिले के बैकुंठपुर में कवि सम्मेलन का आयोजन तथा कई वैचारिक एवं पुस्तक चर्चा का आयोजन करती रही है. राम के वनवास काल में सीतामढ़ी हर चौका और इस मार्ग के गांव की समस्याओं को अपने वनमाली सांस्कृतिक सृजन यात्रा में शामिल किया. और इसकी ध्वनि छत्तीसगढ़ राज्य शासन तक पहुंचाने एवं समाधान तलाशने का प्रयास किया गया.

कोरिया वनमाली सृजन केंद्र के अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सम्मान कोरिया जिले के सृजन प्रतिभा एवं साहित्यकारों का सम्मान है जो हमें और अधिक गतिविधियों के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा . संयोजक वीरेंद्र श्रीवास्तव ने इस सम्मान को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और संवारने के कार्य को आगे बढ़ाने का संदेश बताया है.वहीं कोरिया अंचल के साहित्यकार प्रमोद बंसल, संंब़ोधन उपाध्यक्ष हारुन मेमन, रुद्रनारायण मिश्रा ,सरदार हरमहेंद्र सिंह, पुष्कर तिवारी ,अनिल जैन, नागेंद्र जयसवाल , एवं संतोष जैन सहित साहित्यकारों एवं कलमकारों ने वनमाली सृजन केंद्र के इस उपलब्धि के लिए अपनी बधाइयां प्रेषित की

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