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अंबिकापुर में बिना लाइसेंस मांस दुकानों का खुलासा, RTI कार्यकर्ता आशीष सिन्हा ने उठाए सवाल

अंबिकापुर नगर निगम की लापरवाही का बड़ा खुलासा: आशीष सिन्हा, RTI कार्यकर्ता

अंबिकापुर में बिना लाइसेंस और जांच के खुलेआम हो रहा मांस का विक्रय, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर बड़ा संकट

अंबिकापुर नगर निगम की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता आशीष सिन्हा ने खुलासा किया है कि नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत सड़क किनारे और रिंग रोड पर बिना लाइसेंस, बिना जांच के रोजाना मुर्गे, भेड़, बकरे और सुअर काटे और बेचे जा रहे हैं। इस मामले में नगर निगम ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।


नगर निगम का गैर-जवाबदेह रवैया
जब यह जानकारी मांगी गई कि नगर निगम क्षेत्र में कुल कितनी मांस विक्रय की दुकानें हैं, उनमें से कितनी को लाइसेंस प्राप्त है, और क्या नियमों के उल्लंघन पर कोई कार्रवाई की गई है, तो निगम ने कोई जवाब नहीं दिया। यह प्रशासनिक लापरवाही सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गई है।

सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन
भारत सरकार के निर्देशानुसार मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों से कम-से-कम 100 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जानवरों के स्वास्थ्य का प्रमाणपत्र जारी करना अनिवार्य है। मांस विक्रय की दुकानों को स्वच्छता और संरचना से संबंधित मानकों का पालन करना होता है, जैसे कि 5 फीट तक टाइल्स लगी होनी चाहिए, फर्श पक्का होना चाहिए, और रेफ्रिजरेटर का उपयोग होना चाहिए।

लेकिन अंबिकापुर क्षेत्र में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मांस दुकानों के अंदर और आसपास गंदगी का अंबार लगा रहता है। स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, और नगर निगम की लापरवाही के कारण संक्रमित और बीमार मांस खुलेआम बेचा जा रहा है।

स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरा
सड़कों के किनारे मांस काटकर खुले में बेचा जा रहा है। मांस के अवशेष नालियों में बहा दिए जाते हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा है। नगर निगम अब तक मांस विक्रय के लिए वधशाला (स्लॉटरहाउस) का चयन करने में असमर्थ रहा है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मांस विक्रय के लिए लाइसेंस और मेडिकल प्रमाणपत्र अनिवार्य हैं। लेकिन अंबिकापुर में बिना लाइसेंस के दुकानें चल रही हैं। अवैध और अस्वच्छ मांस विक्रय से जनता का स्वास्थ्य खतरे में है।

सरकार और विभागों की निष्क्रियता
आशीष सिन्हा का कहना है कि बार-बार सवाल पूछने के बावजूद नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग ने इस गंभीर मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और इन गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाता है।

सार्वजनिक अपील
आशीष सिन्हा ने जनता से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए स्वच्छ और मानक मांस विक्रेताओं से ही मांस खरीदें।

— आशीष सिन्हा
आरटीआई कार्यकर्ता, अंबिकापुर

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