रक्षाबंधन पर दिव्यांग विद्यालय में भावुक हुए पल, प्रबल स्त्री फाउंडेशन की महिलाओं ने छात्रों को बांधा रक्षा सूत्र…

मनेन्द्रगढ़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मनेन्द्रगढ़ के दिव्यांग विद्यालय में भावुक और आत्मीय माहौल देखने को मिला। प्रबल स्त्री फाउंडेशन की महिलाओं ने विद्यालय पहुंचकर दिव्यांग छात्रों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विधि-विधान से बच्चों की आरती उतारी और इसके बाद उनकी कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधने के बाद बच्चों का मुंह मीठा कराया गया। महिलाओं ने बच्चों को अपना भाई मानते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और खुशहाल जीवन की कामना की।

रक्षाबंधन के दौरान कई दिव्यांग बच्चे भावुक नजर आए। राखी बंधवाते समय कुछ बच्चों की आंखें नम हो गईं, वहीं कई बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। इस दौरान विद्यालय परिसर में भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ अपनापन और स्नेह की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।

प्रबल स्त्री फाउंडेशन की महिलाओं ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सुरक्षा की भावना का प्रतीक है। दिव्यांग बच्चों के बीच रक्षाबंधन मनाने का उद्देश्य उन्हें परिवार जैसा अपनापन और यह एहसास कराना है कि समाज उनके साथ खड़ा है। कार्यक्रम में बच्चों को मिठाई खिलाई गई और उनके साथ समय बिताकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं। इस पहल से दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिली। आयोजन ने समाज में संवेदनशीलता, समानता और दिव्यांगजनों के प्रति अपनत्व का संदेश दिया। रक्षा सूत्र की डोर भले ही साधारण थी, लेकिन उसमें स्नेह और भावनाओं की गहराई साफ दिखाई दी। रक्षाबंधन के इस आयोजन ने दिव्यांग बच्चों के लिए पर्व को खास और यादगार बना दिया।



